छिपे बैठे सरगना की ऑडियो गूंज: Masood Azhar फिर एक्टिव?

शालिनी तिवारी
शालिनी तिवारी

पाकिस्तान में छिपे बैठे आतंकी आका मसूद अजहर का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल बताया जा रहा है, जिसमें वह जैश-ए-मोहम्मद के पास हजारों फिदायीन (suicide bombers) होने का दावा करता सुनाई देता है।
ऑडियो में मसूद युवाओं को ‘शहादत’ के नाम पर बरगलाने की कोशिश करता है और धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल करता है।

ऑडियो का कंटेंट: दावा बड़ा, साख छोटी

ऑडियो में मसूद कहता है कि उसके कथित फिदायीन न कर्ज़ की चिंता करते हैं न परिवार, घर-मकान की न वीज़ा, iPhone या किसी सुख-सुविधा की।

उसका दावा है कि वे रात के तीन बजे उठकर सिर्फ़ ‘शहादत’ की दुआ करते हैं और उनकी संख्या “हजारों” में है।
यह भाषा कट्टरपंथी प्रोपेगेंडा की जानी-पहचानी शैली मानी जा रही है।

Security Experts का आकलन: बौखलाहट का संकेत

भारत के सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह ऑडियो हौसला बढ़ाने की हताश कोशिश है। हालिया भारतीय कार्रवाइयों के बाद जैश के दर्जनों आतंकी ढेर हुए। ठिकाने तबाह हुए। नेटवर्क को गंभीर झटका लगा।

ऐसे में संगठन के सरगना अक्सर ऑडियो-मैसेज जारी कर अपने कैडर को झूठी हिम्मत देने की कोशिश करते हैं।

2019 के बाद से ग़ायब, अब सिर्फ़ ऑडियो

मसूद अजहर 2019 के बहावलपुर धमाके के बाद से सार्वजनिक तौर पर नहीं दिखा है। तब से उसकी मौजूदगी सिर्फ़ ऑडियो, लिखित संदेश और अप्रत्यक्ष बयानों तक सीमित रही है।
वायरल ऑडियो की तारीख़ की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी, लेकिन इसे जैश से जुड़ा माना जा रहा है।

धमकी बनाम हकीकत

“जो कैमरे से छिपा हो, वही माइक पर सबसे ज़्यादा गरजता है।”

जमीनी सच्चाई यह है कि आतंकी नेटवर्क पर दबाव बढ़ते ही ऐसी गीदड़भभकियां तेज़ हो जाती हैं—ताकि डर का नैरेटिव जिंदा रखा जा सके।

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