नया Avatar! Maharashtra में BJP ने कांग्रेस और Owaisi से मिलाया हाथ

गौरव त्रिपाठी
गौरव त्रिपाठी

देश की राजनीति में दशकों से एक-दूसरे के कट्टर विरोधी रहे BJP और Congress, और BJP के सबसे मुखर आलोचक Asaduddin Owaisi—इनके एक साथ आने की कल्पना भी मुश्किल थी। लेकिन महाराष्ट्र निकाय चुनाव 2025 ने सियासत की स्क्रिप्ट ही बदल दी।

जहां एक ओर अंबरनाथ में BJP ने कांग्रेस का हाथ थाम लिया, वहीं दूसरी ओर अकोला की अकोट सीट पर बहुमत के लिए BJP ने Owaisi की पार्टी AIMIM का समर्थन ले लिया।

अंबरनाथ: शिंदे के गढ़ में सियासी भूचाल

अंबरनाथ नगर परिषद को एकनाथ शिंदे की शिवसेना का मजबूत किला माना जाता है। खुद डिप्टी सीएम शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे यहीं से सांसद हैं।

निकाय चुनाव में शिवसेना (शिंदे गुट) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन बहुमत से कुछ कदम दूर रह गई। यहीं BJP ने चौंकाने वाला कदम उठाते हुए Congress के साथ गठबंधन कर लिया।

नतीजा, शिंदे गुट को करारा झटका। BJP-कांग्रेस की जोड़ी ने सत्ता की चाबी अपने हाथ में ले ली। शिंदे गुट ने इसे “अभद्र युति” करार दिया, यानी ऐसी दोस्ती जो सियासी मर्यादाओं से बाहर है।

अकोला-अकोट: जब बहुमत विचारधारा से बड़ा हो गया

अकोला जिले की अकोट नगर पालिका में BJP की माया धुले ने मेयर पद जीत लिया, लेकिन 35 सदस्यीय सदन में बहुमत अधूरा रह गया। फिर शुरू हुआ नंबर गेम। बहुमत पूरा करने के लिए BJP ने 5 पार्षदों वाली AIMIM को साथ ले लिया। यानी जिन ओवैसी को राष्ट्रीय मंचों पर BJP घेरती रही, स्थानीय राजनीति में वही Kingmaker बन गए।

रणनीति या मजबूरी?

यह गठबंधन न तो विचारधारा की जीत है न ही स्थायी दोस्ती। बल्कि यह है Local Politics का Pragmatic Model—जहां सत्ता गणित, घोषणापत्र से ज्यादा भारी पड़ता है।

BJP नेताओं का कहना है कि शिवसेना (शिंदे) से कई बार बातचीत की कोशिश हुई, लेकिन स्पष्ट जवाब न मिलने पर पार्टी ने “विकल्प” चुना।

“दिल्ली में दुश्मनी, नगर पालिका में दोस्ती— यही है Indian Politics की असली Diversity!”

क्या इसके दूरगामी असर होंगे?

क्या शिंदे गुट और BJP के रिश्तों में दरार और गहरी होगी? क्या भविष्य में अन्य राज्यों में भी ऐसे “असंभव गठबंधन” दिखेंगे? और सबसे बड़ा सवाल—क्या Ideology अब सिर्फ पोस्टर तक सीमित रह गई है?

इन सवालों के जवाब फिलहाल चुनावी नतीजों के पीछे छुपे हैं।

“अब नजर नहीं, मशीन! UP में मैनुअल फिटनेस बंद, ATS से होगा फैसला”

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