Charbagh Station पर कोर्ट बोला हटाओ, चारबाग बोला–भौंकने दो

साक्षी चतुर्वेदी
साक्षी चतुर्वेदी

देश के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में से एक लखनऊ चारबाग स्टेशन यात्रियों की चहल-पहल से कम और अब कुत्तों की टहल-पहल से ज़्यादा गूंज रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने सख्त आदेश दिया — “स्टेशनों से आवारा कुत्तों को तुरंत हटाया जाए”, लेकिन चारबाग ने शायद सोचा, “कुत्ते भी तो यात्री हैं, बस टिकट नहीं कटाते!”

सुप्रीम कोर्ट का सख्त आदेश — “तुरंत हटाओ, नियम से रखो”

7 नवंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आदेश दिया कि स्टेशन, अस्पताल, स्कूल और खेल परिसर जैसे सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को “तुरंत हटाया जाए।”
कोर्ट ने कहा कि इन्हें ABC (Animal Birth Control) Rules 2023 के तहत नसबंदी और टीकाकरण के बाद शेल्टर होम में रखा जाए।
मतलब साफ — “कुत्ते मंच पर नहीं, सेंटर में जाएँ।”

चारबाग में कुत्तों का ‘नाइट शिफ्ट’ जारी

चारबाग स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर रात ढलते ही कुत्तों का गश्ती दल एक्टिव मोड में आ जाता है। ट्रेनों के बीच भौंकना, यात्रियों के बैग सूँघना और स्नैक पैकेट पर कब्जा करना — यह इनकी रूटीन ड्यूटी है।
यात्रियों ने शिकायत की है कि “स्वच्छता अभियान” अब केवल दीवारों पर स्लोगन बनकर रह गया है।

“चारबाग में अब प्लेटफॉर्म टिकट नहीं, डॉगफॉर्म टिकट की ज़रूरत है!”

यात्रियों की चिंता: “भौंकते हुए भागना नहीं चाहते, ट्रेन पकड़नी है”

रात के समय कुत्तों के झुंड के बीच से गुजरना किसी थ्रिलर मूवी सीन जैसा लगता है। कई यात्रियों ने बताया कि अचानक भौंकने या दौड़ने से लोग डरकर गिर जाते हैं। किसी ने मज़ाक में कहा — “अब रेलवे हेलमेट और डॉग रिपेलेंट भी बेचे तो बुरा क्या है?”

जिम्मेदारी किसकी? कोर्ट का आदेश, अमल का इंतज़ार

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब जिम्मेदारी रेलवे प्रशासन और नगर निगम की है। लेकिन फिलहाल मैदान में कुत्ते हैं और कागज़ों में आदेश। अब सवाल है — क्या प्रशासन तब हरकत में आएगा जब कोई वीडियो वायरल होगा? या फिर अगली मीटिंग में भी बहस यही रहेगी — “कुत्ते हटें या कैमरे?”

चारबाग स्टेशन इस वक़्त भारत की सच्ची तस्वीर है — “जहाँ कानून पास होता है, लेकिन कुत्ता पहले पहुंच जाता है।” सुप्रीम कोर्ट का आदेश स्पष्ट है, अब बस अमल की ट्रेन समय पर चलनी चाहिए। वरना यात्री कहेंगे — “चारबाग में ना ट्रेन लेट है, ना कुत्ता।

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