लखनऊ: पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की पुण्यतिथि पर देशभर के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके राजनीतिक जीवन, सादगी और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पण को याद किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत कई केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें नमन किया।
सीएम योगी ने बताया वंचितों और पीड़ितों की आवाज
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर सड़क से लेकर सदन तक उपेक्षितों, पीड़ितों और वंचितों की आवाज बने रहे। उन्होंने लिखा कि उनकी सादगी, वैचारिक दृढ़ता और समाज के अंतिम व्यक्ति के प्रति संवेदनशीलता आज भी देश के लोकतंत्र को दिशा देने का काम करती है। मुख्यमंत्री ने उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
रेखा गुप्ता समेत कई नेताओं ने किया नमन
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि चंद्रशेखर का सादगीपूर्ण जीवन, साहस और सिद्धांतनिष्ठ राजनीति सदैव प्रेरणादायक रहेगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित के प्रति उनका समर्पण आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करता रहेगा। वहीं राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी उनके लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पण और राष्ट्रहित के लिए उनकी अटूट प्रतिबद्धता को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी।
मोहन यादव, मनोहर लाल और पंकज चौधरी ने भी किया स्मरण
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने उन्हें लोकप्रिय जननेता और ओजस्वी वक्ता बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों तथा शोषितों और वंचितों के उत्थान के लिए उनके विचार और योगदान हमेशा याद किए जाएंगे। वहीं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री एवं उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए जनसेवा के लिए उनका समर्पण और संघर्ष भारतीय राजनीति में सदैव स्मरणीय रहेगा।
1990 से 1991 तक रहे देश के प्रधानमंत्री
चंद्रशेखर ने 10 नवंबर 1990 से 21 जून 1991 तक भारत के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। वे केंद्र में गठबंधन सरकार का नेतृत्व करने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री थे। राजनीतिक जीवन में उनके स्पष्ट विचारों और मुखर व्यक्तित्व के कारण उन्हें ‘युवा तुर्क’ के नाम से भी जाना जाता था। उनके कार्यकाल को देश के राजनीतिक इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय माना जाता है।
