Johannesburg Shooting: दक्षिण अफ्रीका में अंधाधुंध फायरिंग, 11 की मौत

हुसैन अफसर
हुसैन अफसर

दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में एक बार फिर गन वायलेंस (Gun Violence) ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। अज्ञात बंदूकधारियों ने एक बस्ती में अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें करीब 20 लोग घायल हुए और 11 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 3 मासूम बच्चे भी शामिल हैं।

पुलिस के मुताबिक, हमलावर वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

सोने की खदान के पास बसी बस्ती बनी निशाना

Gauteng Province की पुलिस प्रवक्ता Brigadier Brenda Muridili ने बताया कि यह हमला जोहान्सबर्ग से करीब 40 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित बेकर्सडेल (Bekkersdal) इलाके में हुआ।

यह इलाका सोने की खदानों (Gold Mines) के पास बसा है, जहां बड़ी संख्या में मजदूर और उनके परिवार रहते हैं। घायलों के मुताबिक, हमलावरों ने पीछे से गोलियां चलाईं, जिससे लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

हमले का मकसद अब तक साफ नहीं

पुलिस ने बताया कि हमलावरों की पहचान अभी नहीं हो पाई है। हमले के पीछे का मोटिव (Motive) फिलहाल अज्ञात है। इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। जांच एजेंसियां इस एंगल से भी जांच कर रही हैं कि कहीं यह हमला गैंग वॉर, अवैध कारोबार या आपसी रंजिश से तो जुड़ा नहीं है।

एक महीने में दूसरी बड़ी गोलीबारी

यह कोई पहला मामला नहीं है। 6 दिसंबर को प्रिटोरिया के पास एक हॉस्टल में हुई फायरिंग में 3 साल के बच्चे समेत 12 लोगों की मौत हुई थी। जांच में सामने आया था कि वह इलाका अवैध शराब बिक्री का अड्डा था।

यानि दक्षिण अफ्रीका में “Gun Laws कागज़ों में हैं, गोलियां सड़कों पर” — हालात कुछ ऐसे बन चुके हैं।

Crime Capital बनता South Africa?

करीब 6.3 करोड़ की आबादी वाले दक्षिण अफ्रीका में Crime Rate दुनिया में सबसे ज्यादा मानी जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि बेरोजगारी, गैंग कल्चर, अवैध हथियार ने हालात को और विस्फोटक बना दिया है।

“जहां सोना ज़मीन से निकलता है, वहीं इंसानी जान की कीमत सबसे सस्ती हो जाती है।”

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