
मिडिल ईस्ट इस समय बारूद के ढेर पर बैठा है और हर कुछ घंटे में कोई नया धमाका उस ढेर को और खतरनाक बना रहा है। एक तरफ Iran ने खाड़ी के पड़ोसी देशों की तरफ मिसाइलों और ड्रोनों की बारिश शुरू कर दी। दूसरी तरफ United States और Israel ने सीधे ईरान की नसों पर वार कर दिया।
तेल डिपो, पानी के प्लांट और सैन्य ठिकाने…अब जंग सिर्फ सीमाओं पर नहीं, देशों की लाइफलाइन पर लड़ी जा रही है।
खाड़ी देशों पर ईरान का मिसाइल-ड्रोन हमला
तनाव तब अचानक बढ़ गया जब ईरान से खाड़ी क्षेत्र की ओर मिसाइल और ड्रोन लॉन्च किए गए। Saudi Arabia ने दावा किया कि राजधानी रियाद की ओर बढ़ रहे 15 ड्रोनों को एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही मार गिराया।
वहीं Qatar के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि उसके इलाके की ओर 10 बैलिस्टिक और दो क्रूज मिसाइलें दागी गईं, हालांकि अधिकांश को इंटरसेप्ट कर लिया गया। उधर Kuwait में एयरपोर्ट के फ्यूल टैंक को निशाना बनाए जाने की खबर सामने आई, जिसके बाद एहतियातन तेल उत्पादन में कटौती करनी पड़ी।
अमेरिका-इजरायल ने ईरान की लाइफलाइन पर किया वार
इससे पहले रात में अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के अहम इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला किया। फारस की खाड़ी में स्थित Qeshm Island पर बने डिसेलिनेशन प्लांट को निशाना बनाया गया, जहां समुद्री पानी को मीठे पानी में बदला जाता है।
इसके बाद तेहरान समेत कई शहरों में तेल डिपो पर भी बमबारी की खबरें आईं। रणनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह हमला सीधे ईरान की ऊर्जा और पानी आपूर्ति को कमजोर करने की कोशिश माना जा रहा है।

30 गांवों में पानी का संकट
ईरान ने आरोप लगाया है कि इस हमले से द्वीप के आसपास के करीब 30 गांवों में पानी की आपूर्ति प्रभावित हो गई है। डिसेलिनेशन प्लांट बंद होने के बाद हजारों लोगों को पीने के पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि यही प्लांट द्वीप और आसपास के इलाकों को ताजे पानी की सप्लाई देता था।
ईरान की चेतावनी: इसकी कीमत चुकानी होगी
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि अमेरिका ने ईरान की “लाइफलाइन” पर हमला किया है। उनका कहना था कि बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना बेहद खतरनाक मिसाल है और इसके गंभीर परिणाम होंगे। तेहरान ने साफ कहा है कि इस कार्रवाई की कीमत चुकानी पड़ेगी।
ट्रंप की धमकी और ईरान की खुली चुनौती
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को बिना शर्त सरेंडर करने की चेतावनी दी थी। ट्रंप ने कहा था कि अगर ईरान झुका नहीं तो उसे इतना तबाह कर दिया जाएगा कि वह लड़ने की हालत में भी नहीं रहेगा। इसके जवाब में ईरान ने चुनौती दी कि अगर अमेरिका में हिम्मत है तो अपने जहाजों को Strait of Hormuz से गुजारकर दिखाए। ईरान ने चेतावनी दी कि ऐसा हुआ तो जहाज समुद्र में डुबो दिए जाएंगे।
मिडिल ईस्ट की जंग अब एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। अब मिसाइलें सिर्फ सैन्य ठिकानों पर नहीं गिर रहीं, बल्कि तेल, पानी और व्यापारिक रास्तों पर भी वार हो रहा है। और जब जंग किसी देश की लाइफलाइन पर उतर आए, तो उसका असर सिर्फ सीमा तक नहीं रहता… पूरी दुनिया उसकी आंच महसूस करती है।
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