डॉलर राजा, रुपया फिसड्डी! 90 के पार पहुंचते ही मचा हड़कंप

सैफी हुसैन
सैफी हुसैन, ट्रेड एनालिस्ट

भारतीय रुपया गुरुवार की सुबह जैसे ही ट्रेडिंग फ्लोर पर पहुंचा, डॉलर ने उसे हल्के से “गुड मॉर्निंग” कहा…और रुपया सीधे 90.43 पर फिसल गया—इतिहास का सबसे निचला स्तर। लगता है डॉलर जिम करके आया था और रुपया पूरा रेस्ट मोड में!

इंटरबैंक फॉरेक्स मार्केट में INR 90.36 पर खुला और चंद मिनटों में और गिरकर 90.43 पर जाकर रुका।
ट्रेडरों का सीधा-सा कहना— RBI ने ज्यादा हस्तक्षेप नहीं किया। इम्पोर्टर्स की डॉलर खरीद तेज। MPC मीटिंग से पहले मार्केट में टेंशन।

सरकार पर विपक्ष का हमला—रुपया डूबा, आरोप तैरा

रुपये के गिरते ही विपक्ष को एक और मौका मिल गया। “अर्थव्यवस्था मजबूत है” वाले दावों पर तंज कसते हुए विपक्ष ने सरकार की नीति पर सवाल उठा दिए।

उदय कोटक भी बोले—‘Dollar Smart, Rupee Not So Much’

कोटक महिंद्रा बैंक के पूर्व CEO उदय कोटक ने X पर लिखा-“रुपया 90 पर है। इसकी मुख्य वजह विदेशी बिकवाली है—FPI हो या FDI के प्राइवेट इक्विटी प्लेयर्स।”

उन्होंने यह भी कहा—भारतीय निवेशक जमकर खरीद रहे हैं। विदेशी निवेशक फिलहाल ज़्यादा स्मार्ट दिख रहे हैं। साल में निफ्टी का डॉलर रिटर्न — ZERO

और साथ ही बिज़नेस जगत को सलाह— “अब वक्त है कि भारतीय कारोबारी अपनी comfort zone से बाहर निकलें।”

रुपये पर इतनी मार क्यों? 3 मुख्य वजह

Foreign Investors की भारी Selling

निफ्टी में विदेशी बिकवाली ने रुपया पर प्रेशर बढ़ाया—डॉलर की मांग बढ़ते ही INR नीचे जाता है।

RBI का लिमिटेड इंटरवेंशन

RBI शायद MPC से पहले ज्यादा कदम नहीं उठाना चाह रहा।

इम्पोर्टर्स की Dollar खरीद

कच्चे तेल और इंपोर्ट बिल की वजह से डॉलर खरीद बढ़ी—रुपया फिर फिसल गया।

आगे क्या? 90 का लेवल नए नॉर्मल में बदलेगा?

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर डॉलर इंडेक्स मजबूत रहा और विदेशी निवेश निकलते रहे तो INR और कमजोरी दिखा सकता है।
मतलब—90 तो बस झांकी थी, 91-92 भी गली में घूम सकते हैं!

“BB House में हलचल— Gaurav Khanna पहले से ‘फाइनल स्क्रिप्ट’ में?”

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