Happy Birthday Malini Awasthi: मालिनी अवस्थी की सुरीली आवाज ने देश-दुनिया में बिखेरी भारतीय लोकसंगीत की मिठास

अपनी बुलंद आवाज और लोक संगीत की मिठास से देश-विदेश में पहचान बनाने वाली मालिनी अवस्थी भारतीय लोक गायिकी का जाना-माना नाम हैं। उन्होंने भोजपुरी, अवधी और हिंदी गीतों के साथ ठुमरी, कजरी, चैती और दादरा जैसी पारंपरिक संगीत विधाओं को मंच पर खास पहचान दिलाई। जिस दौर में भोजपुरी लोकगीतों में अश्लीलता और फूहड़पन बढ़ने की चर्चा होने लगी थी, उस समय मालिनी अवस्थी ने अपनी गायिकी के जरिए लोक संगीत की मिठास और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने की कोशिश की। उनकी आवाज भारत के अलावा इंग्लैंड, अमेरिका, मॉरीशस, फिजी और पाकिस्तान तक पहुंची।

कन्नौज में हुआ जन्म, गोरखपुर में बीता बचपन

मालिनी अवस्थी का जन्म 15 अक्टूबर 1966 को उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में एक डॉक्टर परिवार में हुआ था। उनके पिता पेशे से डॉक्टर थे। जन्म के बाद उनका परिवार गोरखपुर चला गया, जहां उन्होंने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई पूरी की। पिता के तबादलों के कारण परिवार को अलग-अलग जगहों पर रहना पड़ा, लेकिन संगीत के प्रति मालिनी की रुचि लगातार बनी रही।

उन्होंने उस्ताद राहत अली से संगीत की शिक्षा ली। उनकी मां चाहती थीं कि बेटी शास्त्रीय संगीत सीखे और अपनी कला को आम लोगों तक पहुंचाए। मां की इसी इच्छा को पूरा करने के लिए मालिनी ने शास्त्रीय संगीत की साधना जारी रखी और आगे चलकर महान गायिका गिरिजा देवी से ठुमरी की शिक्षा हासिल की।

दो विषयों में गोल्ड मेडल, पढ़ाई में भी रहीं अव्वल

मालिनी अवस्थी की पहचान सिर्फ एक सफल लोक गायिका के रूप में ही नहीं, बल्कि एक मेधावी छात्रा के तौर पर भी है। उन्होंने लखनऊ के भातखंडे संगीत संस्थान से हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की और इसमें गोल्ड मेडल हासिल किया।

इसके बाद उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से आधुनिक भारतीय इतिहास में एमए किया। इस विषय में भी उन्होंने गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इस तरह संगीत और अकादमिक शिक्षा, दोनों क्षेत्रों में उन्होंने अपनी प्रतिभा साबित की।

मालिनी अवस्थी बनारस घराने की प्रसिद्ध शास्त्रीय गायिका पद्म विभूषण से सम्मानित विदुषी गिरिजा देवी की शिष्या भी रहीं। शास्त्रीय संगीत की इस शिक्षा ने उनकी गायिकी को और परिपक्व बनाने में अहम भूमिका निभाई।

भोजपुरी गीतों की मिठास को दुनिया तक पहुंचाने की चुनौती

मालिनी अवस्थी ने अपने संगीत सफर में लोकगीतों की पारंपरिक पहचान को बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उनके मुताबिक, एक समय ऐसा भी आया जब भोजपुरी लोक संगीत में अश्लीलता और फूहड़पन बढ़ने लगा था। ऐसे माहौल में लोकगीतों की मूल मिठास और सांस्कृतिक गरिमा को बनाए रखना एक बड़ी चुनौती थी।

उन्होंने इस चुनौती को स्वीकार किया और भोजपुरी लोकगीतों को देश-विदेश के मंचों तक पहुंचाया। उनकी प्रस्तुतियों में लोक परंपरा, भाषा और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। वह भोजपुरी के साथ अवधी और हिंदी में भी गाती हैं तथा ठुमरी, कजरी, चैती, दादरा, सोहर, विवाह गीत और भजन जैसी विधाओं को अपनी आवाज देती हैं।

IAS अधिकारी अवनीश कुमार अवस्थी से हुई शादी

मालिनी अवस्थी की शादी वर्ष 1988 में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अवनीश कुमार अवस्थी से हुई थी। उन्होंने एक साक्षात्कार में बताया था कि उनके पति ने हमेशा उनके संगीत सफर का समर्थन किया और भोजपुरी में गाने को लेकर कभी रोक नहीं लगाई।

मालिनी के अनुसार, पति के प्रशासनिक कार्यों के कारण अलग-अलग जिलों में रहने का अवसर मिला, जहां उन्होंने लोक संगीत की प्रस्तुतियों के जरिए क्षेत्रीय परंपराओं को आगे बढ़ाया। दंपति के दो बच्चे हैं। उनके बेटे का नाम अद्वितीय और बेटी का नाम अनन्या बताया गया है।

पद्मश्री समेत कई सम्मानों से सम्मानित

लोक संगीत के क्षेत्र में योगदान के लिए भारत सरकार ने मालिनी अवस्थी को वर्ष 2016 में पद्मश्री से सम्मानित किया। इसके अलावा उन्हें सहारा अवध सम्मान, यश भारती और कालिदास सम्मान सहित कई पुरस्कार मिल चुके हैं। वह वर्ष 2012 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग की ब्रांड एंबेसडर भी रही थीं।

बॉलीवुड गीतों से लेकर लेखन तक बनाया मुकाम

लोकगीतों के अलावा मालिनी अवस्थी ने फिल्मों में भी अपनी आवाज दी है। उन्होंने फिल्म ‘दम लगा के हईशा’ के गीत ‘सुंदर सुशील’ को गाया था। इसके अतिरिक्त वह ‘बम बम बोले’, ‘एजेंट विनोद’ और ‘इश्क’ जैसी फिल्मों के लिए भी गायन कर चुकी हैं। फिल्म ‘भोले शंकर’ में उन्होंने पार्श्वगायिका के तौर पर काम किया था।

संगीत के बाद उन्होंने लेखन की दुनिया में भी कदम रखा। उनकी पहली किताब ‘चंदन किवाड़’ है, जिसका विमोचन जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में किया गया था। अपनी गायिकी और लेखन के जरिए मालिनी अवस्थी भारतीय लोक संस्कृति को लोगों तक पहुंचाने का काम कर रही हैं।

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