सेकेंड लाइन ऑफ डिफेंस पर दो मौतें- गोलियां किसने चलाईं?

महेंद्र सिंह
महेंद्र सिंह

पंजाब के गुरदासपुर जिले में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास रविवार की सुबह सन्नाटे को गोलियों की आवाज ने चीर दिया।

जब देश छुट्टी की रफ्तार में था, सीमा के पास तैनात एक सुरक्षा चेकपोस्ट पर दो पुलिसकर्मी खून से लथपथ पाए गए। घटना ने स्थानीय प्रशासन ही नहीं, बल्कि पूरे Border Security Grid को अलर्ट मोड में ला दिया।

सेकेंड लाइन ऑफ डिफेंस पर दो मौतें

घटना दोरांगला पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले अडियान गांव की है। यहां ‘Second Line of Defense’ मानी जाने वाली चेकपोस्ट पर ASI अशोक कुमार और HC गुरनाम सिंह ड्यूटी पर तैनात थे।

सुबह अचानक गोलियों की आवाज सुनाई दी। जब अन्य जवान मौके पर पहुंचे, तो दोनों घायल अवस्था में जमीन पर पड़े थे। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

सीमा के इतने करीब दो सुरक्षाकर्मियों की मौत यह सामान्य घटना नहीं मानी जा रही।

आपसी विवाद या Border Angle?

जांच फिलहाल दो संभावनाओं पर टिकी है:

  1. Internal Dispute Theory – क्या दोनों जवानों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ?
  2. External Involvement Theory – क्या किसी तीसरे व्यक्ति या घुसपैठिये ने वारदात को अंजाम दिया?

भारत-पाक सीमा की संवेदनशीलता को देखते हुए दूसरे एंगल को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। Border Area में हर घटना सिर्फ Crime नहीं, Potential Security Threat भी मानी जाती है।

Forensic Focus, SSP on Ground

घटना की गंभीरता को देखते हुए SSP आदित्य भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।

फॉरेंसिक टीम ने खाली कारतूस, हथियारों के नमूने, डिजिटल साक्ष्य एकत्र किए हैं। बैलिस्टिक जांच से यह स्पष्ट होगा कि गोली किस दिशा और कितनी दूरी से चली।

सीमा सुरक्षा बल यानी Border Security Force (BSF) और अन्य एजेंसियां भी मामले पर पैनी नजर रखे हुए हैं।

Security System पर बड़ा सवाल

सीमा से सटे इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था Layered होती है। ऐसे में चेकपोस्ट के भीतर ही दो जवानों की मौत होना कई सवाल छोड़ जाता है। क्या निगरानी तंत्र में कोई गैप था? या यह महज एक दुर्भाग्यपूर्ण व्यक्तिगत घटना है? जवाब फॉरेंसिक रिपोर्ट और कॉल डिटेल्स से ही मिल पाएंगे।

सीमा पर खामोशी कभी साधारण नहीं होती। वह या तो तैयारी होती है या तूफान से पहले का सन्नाटा। इस मामले में सच्चाई जो भी हो,
Border Vigilance अब पहले से ज्यादा सख्त होना तय है।

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