लखनऊ: राजधानी के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। राज्यभर में संचालित कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच के लिए विशेष अभियान चलाने का फैसला लिया गया है। सरकार का लक्ष्य भविष्य में किसी भी प्रकार की ऐसी दर्दनाक घटना को रोकना और छात्रों को सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है।
लखनऊ में चार मंजिला इमारत में लगी आग में 15 लोगों की मौत के बाद शासन ने सभी जिलों में सुरक्षा मानकों की समीक्षा के निर्देश दिए हैं। विशेष रूप से उन कोचिंग संस्थानों पर नजर रखी जाएगी जो संकरी गलियों, अवैध भवनों या निर्धारित मानकों के विपरीत संचालित हो रहे हैं। ऐसे संस्थानों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
72 जिलों की 3172 पंजीकृत कोचिंग का होगा सुरक्षा ऑडिट
उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि कोचिंग संस्थानों का व्यापक सर्वेक्षण कराया जाए। प्रदेश के 72 जिलों में पंजीकृत 3172 कोचिंग संस्थानों का सुरक्षा ऑडिट कराया जाएगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक संस्थान अग्नि सुरक्षा, आपातकालीन निकास, भवन संरचना और अन्य आवश्यक मानकों का पालन कर रहा है या नहीं।
बिना पंजीकरण चल रही कोचिंग पर होगी कार्रवाई
सरकार ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन अधिनियम, 2002 के तहत पंजीकरण के बिना संचालित संस्थानों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे संस्थानों की सूची तैयार करें और निर्धारित नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल कदम उठाएं।
सुरक्षा और आधारभूत सुविधाओं की होगी नियमित निगरानी
शासन ने सभी संबंधित विभागों को समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा उपायों, आधारभूत सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण किया जाएगा। सरकार का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों को सुरक्षित, व्यवस्थित और भरोसेमंद शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।
पंजीकृत संस्थानों की संख्या पर भी उठे सवाल
प्रदेश में पंजीकृत कोचिंग संस्थानों की संख्या को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर और वाराणसी जैसे बड़े शहरों में ही हजारों कोचिंग संचालित होने का दावा किया जाता है, जबकि पूरे प्रदेश में पंजीकृत संस्थानों की संख्या 3172 बताई जा रही है। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित निरीक्षण और निगरानी की व्यवस्था पहले से मजबूत होती तो कई अवैध संस्थानों पर समय रहते कार्रवाई संभव हो सकती थी।
15 मौतों के बाद जागा प्रशासन
अलीगंज स्थित चार मंजिला इमारत में सोमवार को लगी भीषण आग ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। हादसे में छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों समेत 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद सरकार ने सुरक्षा मानकों की समीक्षा और अवैध कोचिंग संस्थानों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने का फैसला लिया है।
