केरल में प्री-मानसून की एंट्री, भारी बारिश का अलर्ट, बदलते मौसम में ऐसे रखें सेहत का ख्याल

तिरुवनंतपुरम: भीषण गर्मी और लू से जूझ रहे देश को अब मानसून से राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून इस वर्ष तय समय से पहले लगभग 26 मई तक केरल के तट पर दस्तक दे सकता है। आमतौर पर मानसून 1 जून के आसपास पहुंचता है, लेकिन इस बार अनुकूल मौसमीय परिस्थितियों के चलते इसके जल्दी आने की संभावना जताई गई है। इसी बीच 28 मई से 3 जून के बीच केरल के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान भी जारी किया गया है।

दक्षिण-पश्चिम मानसून की तेज़ी से बढ़ रही गतिविधि
मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पूर्व अरब सागर, बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में मानसून पहले ही सक्रिय हो चुका है। अब अगले कुछ दिनों में इसके आगे बढ़ने के लिए मौसम अनुकूल बना हुआ है, जिससे केरल समेत दक्षिण भारत के कई क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं।

बारिश के साथ बढ़ेगा संक्रमण का खतरा
मानसून जहां गर्मी से राहत लेकर आता है, वहीं यह अपने साथ कई स्वास्थ्य चुनौतियां भी लेकर आता है। मौसम में बढ़ी नमी और उमस के कारण वायरस, बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार इस मौसम में बीमारियों का असर कई बार देर से दिखाई देता है, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर साबित हो सकता है।

खान-पान में सावधानी है जरूरी
मानसून के दौरान बाहर का खाना और जंक फूड से दूरी बनाए रखना जरूरी माना गया है। ताजी और घर का बना भोजन, खासकर हरी सब्जियों का सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है। पत्तेदार सब्जियों को पकाने से पहले नमक वाले पानी से अच्छी तरह धोने की सलाह दी जाती है, ताकि बैक्टीरिया और कीटाणुओं का खतरा कम हो सके।

स्वच्छ पानी और हाथों की सफाई पर ध्यान
इस मौसम में पानी से फैलने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में साफ और उबला हुआ पानी पीना बेहद जरूरी है। बाहर का नल या खुला पानी पीने से बचने की सलाह दी जाती है। साथ ही, बार-बार हाथ धोना या सैनिटाइजर का उपयोग करना संक्रमण से बचाव का सबसे आसान तरीका माना जाता है।

मच्छरों से बचाव बेहद जरूरी
बरसात के दौरान जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ती है। इससे डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में पूरी आस्तीन के कपड़े पहनना, मच्छरदानी का उपयोग करना और मच्छर भगाने वाली क्रीम लगाना जरूरी सावधानियों में शामिल है।

भीगने और नमी से बचाव पर जोर
विशेषज्ञों के अनुसार बारिश में लंबे समय तक भीगना या गीले कपड़ों में रहना सर्दी, बुखार और अन्य संक्रमणों को बढ़ावा दे सकता है। इसलिए बारिश से बचाव करना और तुरंत सूखे कपड़े पहनना आवश्यक है।

साफ-सफाई और पर्यावरण की स्वच्छता पर ध्यान
घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखना इस मौसम में सबसे अहम है। कहीं भी पानी जमा न होने देना मच्छरों के प्रजनन को रोकने में मदद करता है। साथ ही भोजन को हमेशा ढककर रखना भी जरूरी सावधानी मानी जाती है।

 

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