DU Admission 2026: सिर्फ ₹15 हजार महीने में दिल्ली में रहकर कर सकते हैं पढ़ाई? जानें पूरा खर्च, 17 जुलाई से शुरू होगा हॉस्टल आवंटन

नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला प्रक्रिया तेज होने के साथ ही देशभर के लाखों छात्रों की नजर अब पढ़ाई के साथ रहने के खर्च पर भी टिकी है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि छात्र सही योजना बनाएं, समय पर हॉस्टल के लिए आवेदन करें और साझा आवास का विकल्प चुनें, तो करीब 15 हजार रुपये प्रतिमाह के बजट में भी दिल्ली में रहकर पढ़ाई करना संभव है। विश्वविद्यालय के सूत्रों के अनुसार, छात्रावास का आवंटन 17 जुलाई से शुरू होने की संभावना है।

देशभर के छात्रों की पहली पसंद बना डीयू

उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश, झारखंड और उत्तराखंड सहित कई राज्यों से हर वर्ष बड़ी संख्या में छात्र दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला लेते हैं। इसकी वजह केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतिष्ठा नहीं, बल्कि सीमित बजट में पढ़ाई और रहने की सुविधा भी मानी जाती है।

हॉस्टल मिलने पर काफी कम हो जाता है खर्च

विश्वविद्यालय या कॉलेज का हॉस्टल मिलने पर छात्रों का सबसे बड़ा खर्च कम हो जाता है। हॉस्टल की फीस अपेक्षाकृत कम होती है और भोजन भी रियायती दरों पर उपलब्ध होता है। हालांकि, सीमित सीटों के कारण सभी छात्रों को हॉस्टल की सुविधा नहीं मिल पाती।

साझा पीजी भी छात्रों के लिए बेहतर विकल्प

जिन छात्रों को हॉस्टल नहीं मिलता, उनके लिए कमला नगर, विजय नगर, मुखर्जी नगर, हडसन लेन, शक्तिनगर, सत्य निकेतन और मालवीय नगर जैसे इलाकों में साझा पीजी सबसे लोकप्रिय विकल्प हैं। पिछले प्रवेश सत्र में इन क्षेत्रों में दो या तीन छात्रों के साथ साझा पीजी का किराया सामान्यतः 8,000 से 12,000 रुपये प्रतिमाह रहा, जिसमें कई स्थानों पर भोजन और वाई-फाई की सुविधा भी शामिल थी।

मेट्रो और बस से कम होता है यात्रा खर्च

दिल्ली विश्वविद्यालय के उत्तर परिसर के अधिकांश कॉलेज विश्वविद्यालय, जीटीबी नगर और सिविल लाइंस मेट्रो स्टेशन के आसपास स्थित हैं। वहीं दक्षिण परिसर के कॉलेज धौला कुआं, मालवीय नगर और कैलाश कॉलोनी जैसे मेट्रो स्टेशनों से जुड़े हुए हैं। मेट्रो और डीटीसी बसों का उपयोग करने पर छात्रों का मासिक यात्रा खर्च लगभग 1,000 से 1,500 रुपये के बीच रह सकता है।

पढ़ाई और रोजमर्रा के खर्च का भी रखें हिसाब

शिक्षकों के अनुसार, किताबें, नोट्स, फोटोकॉपी और इंटरनेट जैसी शैक्षणिक जरूरतों पर हर महीने लगभग 1,000 से 1,500 रुपये खर्च होते हैं। वहीं मोबाइल रिचार्ज और अन्य दैनिक जरूरतों के लिए 2,000 से 3,000 रुपये तक का खर्च आ सकता है। इस तरह साझा आवास और सार्वजनिक परिवहन अपनाने पर कुल मासिक बजट करीब 14 से 15 हजार रुपये के भीतर रखा जा सकता है।

बेहतर प्लेसमेंट भी है बड़ी वजह

कम फीस, मजबूत शैक्षणिक माहौल और उत्कृष्ट प्लेसमेंट दिल्ली विश्वविद्यालय को देश के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में शामिल करते हैं। श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स, हिंदू कॉलेज, हंसराज कॉलेज, मिरांडा हाउस, लेडी श्रीराम कॉलेज, किरोड़ीमल कॉलेज और श्री वेंकटेश्वर कॉलेज जैसे संस्थानों में हर वर्ष देश की प्रमुख कंपनियां कैंपस प्लेसमेंट के लिए पहुंचती हैं। यही कारण है कि सीमित बजट वाले छात्र भी दिल्ली विश्वविद्यालय को अपने करियर की मजबूत शुरुआत के रूप में देखते हैं।

15 हजार रुपये का संभावित मासिक बजट

खर्च का विवरण संभावित मासिक खर्च
साझा पीजी/हॉस्टल ₹8,000–10,000
स्थानीय परिवहन ₹1,000–1,500
किताबें, नोट्स व स्टेशनरी ₹1,000–1,500
मोबाइल, इंटरनेट व अन्य खर्च ₹2,000–3,000
कुल अनुमानित मासिक बजट करीब ₹15,000

 

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