
रोते हुए बयान… कांपती आवाज… और एक “बेबस पत्नी” की कहानी। पहली नजर में सबकुछ साफ लग रहा था — लूट, हमला और एक निर्दोष पति की मौत। लेकिन जैसे ही पुलिस ने परतें खोलीं…कहानी पलट गई। Dhar के एक छोटे से गांव में जो हुआ, वह सिर्फ हत्या नहीं…एक सोची-समझी साजिश थी — जिसमें पत्नी ही कातिल निकली।
Gondikheda की रात: जहां “लूट” की कहानी गढ़ी गई
Gondikheda Charan गांव में सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात सब कुछ सामान्य था। सुबह होते ही खबर फैली — घर में घुसपैठ, पति की हत्या, पत्नी को बंधक बनाकर लूट। पत्नी प्रियंका ने पुलिस को बताया, बदमाश आए, उन्हें अलग-अलग कमरों में बंद किया। ₹3 लाख के गहने और ₹50,000 कैश लूटे और विरोध करने पर पति को मार डाला। यह कहानी इतनी “perfect” थी कि पहली नजर में सच लगती थी।
लेकिन… यहीं से शक शुरू हुआ।
पुलिस की नजर: जहां कहानी टूटने लगी
जांच का जिम्मा संभाला एसपी Mayank Awasthi ने। जैसे-जैसे पूछताछ बढ़ी, प्रियंका के बयान में बार-बार बदलाव, घटनाओं का mismatch और कई unanswered सवाल। सबसे बड़ा clue था 12 इंच गहरा सिर पर वार। यह कोई सामान्य लूटपाट नहीं लग रही थी। यह एक targeted, planned attack था।
मोबाइल गायब, सच सामने
जांच के दौरान एक और बड़ा सवाल उठा — प्रियंका का मोबाइल फोन गायब क्यों था? जब पुलिस ने घटनास्थल की forensic जांच की, तो कोई forced entry का clear evidence नहीं। struggle के निशान limited और अंदर की जानकारी रखने वाले का involvement अब तस्वीर साफ होने लगी थी यह घर के अंदर से खेला गया खेल था।
बचपन की शादी, लेकिन दिल कहीं और
जांच में जो सामने आया, उसने पूरे मामले को और उलझा दिया। प्रियंका और देवकृष्ण की शादी महज 15 साल की उम्र में हुई थी। रिश्ते में दरार काफी समय से थी। प्रियंका अक्सर घर से बाहर रहती थी। और सबसे अहम अपने ही समाज के युवक कमलेश के साथ रिश्ते में थी।
Kamlesh सिर्फ एक प्रेमी नहीं…इस पूरी साजिश का पार्टनर था।
प्लान: वापसी और फिर हत्या
सूत्रों के मुताबिक प्रियंका 5–6 दिन पहले ही मायके से लौटी थी। लेकिन यह वापसी सामान्य नहीं थी…यह planning phase था। फिर उस रात समय चुना गया। मौका तय किया गया और वार किया गया। इसके बाद कहानी गढ़ी गई लूट, बंधक और हत्या।

कब टूटा “मासूमियत” का मुखौटा?
लगातार पूछताछ… कठोर सवाल…और बढ़ता दबाव…आखिरकार देर रात प्रियंका टूट गई। उसने कबूल किया उसने और कमलेश ने मिलकर हत्या की। मकसद था — साथ रहना। और रास्ते में पति “रुकावट” था। यह confession इस केस का turning point बना।
इंदौर केस से खतरनाक समानता
यह मामला अकेला नहीं है। पुलिस ने इसे Indore के चर्चित “राजा रघुवंशी केस” से जोड़ा है, जहां पत्नी ने lover के साथ मिलकर पति की हत्या करवाई थी। यह pattern अब एक alarming trend बनता दिख रहा है affair + conspiracy + murder।
पुलिस का बयान: “यह लूट नहीं, साजिश है”
Mayank Awasthi ने साफ कहा, यह कोई robbery नहीं है, यह pre-planned murder है, पत्नी और उसका प्रेमी हिरासत में हैं अभी आधिकारिक खुलासा प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया जाएगा, लेकिन केस लगभग clear हो चुका है।
सवाल जो अब भी बाकी हैं
इस पूरे केस के बाद कई बड़े सवाल खड़े होते हैं क्या ऐसे अपराध बढ़ रहे हैं? क्या personal relationships अब crime trigger बन रहे हैं? और क्या society ऐसे संकेतों को नजरअंदाज कर रही है? यह सिर्फ एक हत्या नहीं…एक social pattern की चेतावनी है।
यह कहानी सिर्फ एक crime report नहीं है… यह रिश्तों के टूटने की सबसे खतरनाक सीमा है।
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