गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक 11वीं के छात्र ने ऑनलाइन गेम में रुपये हारने और कर्ज बढ़ने के बाद अपने ही अपहरण की झूठी कहानी रच डाली। छात्र ने पिता के व्हाट्सएप पर एक लाख रुपये की फिरौती मांगते हुए संदेश भेजा। इतना ही नहीं, डर पैदा करने के लिए उसने कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से अपनी आंख फूटने जैसी तस्वीर तैयार कर पिता को भेज दी। तस्वीर देखकर परिवार में हड़कंप मच गया और पिता ने सिकरीगंज थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए सर्विलांस की मदद ली और करीब सवा दो घंटे में छात्र को उरुवा स्थित उसके दोस्त के घर से बरामद कर लिया। पूछताछ में पूरी साजिश का खुलासा हो गया। सामने आया कि छात्र ऑनलाइन गेम में रुपये हारने के बाद कर्ज में डूब गया था और पॉकेट मनी भी खत्म हो चुकी थी।
गेम में रुपये हारने के बाद बढ़ता गया कर्ज
पुलिस के मुताबिक, संतकबीरनगर जिले के धनघटा क्षेत्र का रहने वाला किशोर 11वीं कक्षा में पढ़ता है। उसके पिता व्यापार करते हैं। किशोर को PUBG गेम खेलने की आदत थी। गेम में रुपये गंवाने के बाद उस पर कर्ज बढ़ता गया। उसने दोस्तों से भी पैसे उधार ले लिए थे और उसकी पॉकेट मनी भी खत्म हो गई थी।
कर्ज चुकाने के लिए उसे रुपये की जरूरत थी। इसके बाद उसने पिता से एक लाख रुपये हासिल करने के लिए खुद के अपहरण की कहानी रचने की योजना बनाई।
मोबाइल बंद कर पब्लिक वाईफाई से भेजा संदेश
साजिश के तहत किशोर ने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया। इसके बाद उसने पब्लिक वाईफाई का इस्तेमाल करते हुए पिता के व्हाट्सएप पर संदेश भेजा। संदेश में एक लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। इसके साथ ही उसने ऐसी तस्वीर भेजी, जिसमें उसकी आंख फूटी हुई दिखाई दे रही थी।
तस्वीर में बेटे की हालत देखकर पिता बुरी तरह घबरा गए। उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद सिकरीगंज पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने सवा दो घंटे में दोस्त के घर से खोज निकाला
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सर्विलांस की मदद से किशोर की तलाश शुरू की। मोबाइल बंद होने के बावजूद उसके पब्लिक वाईफाई का इस्तेमाल करने से पुलिस को अहम सुराग मिला। टीम ने करीब सवा दो घंटे के भीतर उसकी लोकेशन का पता लगा लिया और उरुवा स्थित उसके दोस्त के घर से किशोर को बरामद कर लिया।
पूछताछ में किशोर ने पुलिस को बताया कि गेम में रुपये हारने के कारण उस पर कर्ज हो गया था। कर्ज चुकाने के लिए पिता से रुपये लेने के उद्देश्य से उसने अपने अपहरण की झूठी कहानी तैयार की थी।
दिल्ली में महिला मित्र की मदद से तैयार कराई AI तस्वीर
पूछताछ में किशोर ने बताया कि उसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से तस्वीर बनाना नहीं आता था। इसके बाद उसने दिल्ली में रहने वाली अपनी एक महिला मित्र से संपर्क किया और उसे अपनी तस्वीर भेजी। महिला मित्र की मदद से उसकी कृत्रिम बुद्धिमत्ता से तैयार तस्वीर बनवाई गई। इसके बाद किशोर ने वही तस्वीर पिता को भेजकर एक लाख रुपये की फिरौती मांगी।
गोरखपुर में पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
गोरखपुर में नाबालिगों की ओर से अपहरण की झूठी कहानी रचने के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। 8 जुलाई 2026 को गोरखनाथ क्षेत्र के एक बच्चे ने नानी के घर रुकने की जिद में बचाओ-किडनैपर का शोर मचा दिया था। राहगीरों की सूचना के बाद पुलिस ने जांच की और सीसीटीवी तथा पूछताछ से सच्चाई सामने आई।
इससे पहले 30 जून 2026 को गोरखनाथ थाना क्षेत्र में रहने वाले नौवीं कक्षा के एक छात्र ने घर से जाने के बाद परिजनों को अपने अपहरण की झूठी कहानी बताई थी।
