सी पी राधाकृष्णन NDA के उप राष्ट्रपति उम्मीदवार घोषित – जानिए प्रोफाइल

सुरेन्द्र दुबे ,राजनैतिक विश्लेषक
सुरेन्द्र दुबे ,राजनैतिक विश्लेषक

भारत के अगले उप राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए (NDA) ने अपने उम्मीदवार के रूप में सी पी राधाकृष्णन का नाम घोषित कर दिया है। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इस बात की जानकारी प्रेस कॉन्फ़्रेंस में दी और बताया कि ये फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया।

कौन हैं सी पी राधाकृष्णन?

चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन, जिन्हें सी पी राधाकृष्णन के नाम से जाना जाता है, एक अनुभवी राजनेता हैं जो वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं। वे लंबे समय तक भाजपा के संगठन से जुड़े रहे हैं और दो बार कोयंबटूर (Coimbatore) से लोकसभा सांसद भी रह चुके हैं।

उनका जन्म 20 अक्टूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुप्पुर में हुआ था। उन्होंने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA) में स्नातक की डिग्री हासिल की और अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत RSS के स्वयंसेवक के रूप में की थी।

राजनीतिक करियर की शुरुआत और अहम पड़ाव

राधाकृष्णन ने 1974 में जनसंघ की राज्य कार्यकारिणी समिति के सदस्य के रूप में राजनीति में कदम रखा। 1996 में बीजेपी तमिलनाडु के सचिव बने। फिर 1998 और 1999 में उन्होंने कोयंबटूर से लोकसभा चुनाव जीतकर संसद में एंट्री की।

हालांकि इसके बाद 2004, 2014 और 2019 में उन्हें कोयंबटूर से हार का सामना करना पड़ा। सांसद रहते हुए वे कपड़ा मंत्रालय की संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष रहे और स्टॉक एक्सचेंज घोटाले की जाँच के लिए गठित विशेष संसदीय समिति में भी सदस्य रहे।

अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उपस्थिति

2004 में राधाकृष्णन ने भारत के संसदीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बनकर संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) को संबोधित किया। इसके अलावा वे ताइवान जाने वाले पहले भारतीय सांसदों में शामिल थे, जो भारत की विदेश नीति में एक साहसिक कदम माना गया।

संगठन में सक्रियता और रथ यात्रा

2007 में तमिलनाडु बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने 93 दिन की 19,000 किलोमीटर लंबी ‘रथ यात्रा’ की। इस यात्रा का उद्देश्य सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर जनजागृति फैलाना था, जैसे:

  • नदी जोड़ो परियोजना

  • समान नागरिक संहिता

  • अस्पृश्यता

  • आतंकवाद विरोध

  • नशा मुक्ति अभियान

प्रशासनिक और संवैधानिक पदों पर नियुक्ति

राधाकृष्णन को 2016 में कोच्चि स्थित कॉयर बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया, जहाँ उनके नेतृत्व में भारत से नारियल रेशा (coir) का निर्यात ₹2532 करोड़ तक पहुँच गया।

इसके बाद फरवरी 2023 में उन्हें झारखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया। कुछ समय के लिए उन्होंने तेलंगाना और पुदुच्चेरी का अतिरिक्त कार्यभार भी संभाला। जुलाई 2024 में उन्हें महाराष्ट्र के राज्यपाल की जिम्मेदारी सौंपी गई।

उप राष्ट्रपति चुनाव प्रक्रिया: कैसे होता है चुनाव?

उप राष्ट्रपति का चुनाव एक परोक्ष चुनाव प्रणाली (Indirect Election) के तहत होता है। इसमें लोकसभा और राज्यसभा के सांसद मतदान करते हैं।

महत्वपूर्ण बिंदु:

  • नॉमिनेटेड सांसद भी वोट डाल सकते हैं (जो राष्ट्रपति चुनाव में नहीं कर सकते)।

  • उम्मीदवार के पास 20 प्रस्तावक और 20 अनुमोदक होने चाहिए।

  • नामांकन के साथ ₹15,000 शुल्क जमा करना होता है।

  • आयु 35 वर्ष से अधिक होनी चाहिए और वह राज्यसभा के लिए योग्य होना चाहिए।

  • कोई लाभ का पद रखने वाला व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ सकता।

राजनीतिक संदेश: क्यों अहम है राधाकृष्णन की उम्मीदवारी?

एनडीए ने दक्षिण भारत से एक मजबूत और स्वच्छ छवि वाले नेता को आगे करके एक सियासी संदेश देने की कोशिश की है कि पार्टी अब पूरे भारत को रिप्रेजेंट करने वाले चेहरों को संवैधानिक पदों पर लाना चाहती है।

राधाकृष्णन का RSS से जुड़ाव, भाजपा संगठन में लंबा अनुभव, और दक्षिण भारत में पार्टी को खड़ा करने में योगदान, उन्हें इस पद के लिए उपयुक्त उम्मीदवार बनाता है।

कोयंबटूर से लेकर राजभवन तक का सफर

सी पी राधाकृष्णन की उम्मीदवारी यह दर्शाती है कि भाजपा अब रणनीतिक रूप से दक्षिण भारत को साधने और एक पैन-इंडिया पार्टी बनने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। उप राष्ट्रपति जैसे संवैधानिक पद पर उनकी नियुक्ति संभावित तौर पर बीजेपी की ‘सबका साथ, सबका विकास’ नीति को मजबूती दे सकती है।

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