RSS की फंडिंग कहाँ से आती है? CM योगी बोले—पूरा समाज ही sponsor है

अजमल शाह
अजमल शाह

लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क में चल रहे दिव्य गीता प्रेरणा उत्सव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐसा बयान दे दिया कि सोशल मीडिया पर लोग वही लाइन बार-बार रीप्ले कर रहे हैं— “RSS को ओपेक देश नहीं चलाते… न ही कोई इंटरनेशनल चर्च पैसा देता!”

मतलब साफ—RSS का बैंक बैलेंस Petrol Dollar से नहीं, बल्कि People Power से चलता है। और राजनीति में इससे बेहतर punchline शायद ही मिले।

“RSS को कोई सरकार नहीं चलाती”—CM Yogi का दावा

सीएम योगी ने स्टेज पर खड़े होकर साफ कहा— RSS की फंडिंग खुद समाज करता है। 100 साल से बिना सौदेबाजी के संगठन सेवा में लगा है। “कुछ लोग सेवा को भी bargaining tool बनाकर बैठे हैं… लेकिन संघ नहीं।”

ये बात उन्होंने इतनी conviction के साथ कही कि सामने वाली कुर्सियाँ भी मान गईं।

गीता का ज्ञान और राजनीति का science—एक साथ

कार्यक्रम गीता महोत्सव का था, तो Yogi Adityanath ने naturally गीता के 700 श्लोकों से बातें जोड़ दीं। उनका संदेश— सनातन धर्म = Life Management System “हमने कभी अपनी श्रेष्ठता का डंका नहीं पीटा”, “धर्म और कर्तव्य जहां होगा, वहीं विजय होगी” और फिर महाभारत मोड ON— “यत्र योगेश्वरः कृष्णो यत्र पार्थो धनुर्धरः”— मतलब—Alignment सही, तो Result सुनिश्चित।

“विजय उसी की जो धर्म पर खड़ा”—धर्म vs अधर्म Equation

सीएम का तर्क: भारत में Battlefield भी Dharma-Field है क्योंकि युद्ध भी कर्तव्य के लिए लड़ा जाता है। और फिर punchline— “अधर्म पर चलने वाले की कभी जीत नहीं होती।” (यह सुनकर विपक्ष के कुछ नेता भी चुपचाप अपनी नोटबुक बंद करते दिखे…)

Mohan Bhagwat = निष्काम कर्म के ब्रांड एंबेसडर

मुख्य अतिथि डॉ. मोहन भागवत की मौजूदगी में Yogi ने कहा— “वे निष्काम कर्म के प्रेरणास्रोत हैं।” “संघ समाज के लिए बिना भेदभाव सेवा करता है।” “किसी पीड़ित की जाति, भाषा, मजहब नहीं पूछता—सीधे सेवा मोड में चला जाता है।”

Foreign diplomats की बातचीत का reference भी दिया— “वे पूछते हैं RSS का पैसा कहां से आता है… हम कहते हैं—समाज से!”

‘RSS Funding Mystery’ solved!

कई लोग RSS की फंडिंग को लेकर theories बनाते हैं— कोई कहता पेट्रो डॉलर, कोई कहता International Lobby कोई कहता Foreign NGOs लेकिन योगी ने सिर्फ दो लाइन में सारी अफवाहें uninstall कर दीं— “न ओपेक, न चर्च… ना ही कोई foreign वॉल्ट। RSS की फंडिंग का password = समाज का सहयोग!”

अब मीम पेजेज भी शांत हो गए।

गीता, राजनीति और संदेश—तीनों एक फ्रेम में

इस पूरे कार्यक्रम में CM योगी ने आध्यात्मिकता और राजनीतिक messaging को ऐसे mix किया कि पूरा event spiritual भी लगा और strategic भी। अंत में बस इतना— RSS = Society-Powered आर्गेनाईजेशन। और यही narrative आगे भी खूब सुर्खियाँ बटोरने वाला है।

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