
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक बार फिर सीधे जनता से जुड़े। इस बार का ‘जनता दर्शन’ बना राहत की मिसाल और अफसरों के लिए साफ संदेश — दुर्व्यवहार नहीं चलेगा, जनता को न्याय ज़रूर मिलेगा।
राशन डीलर की बदतमीज़ी पर सीधा आदेश
सहारनपुर से आई एक महिला ने शिकायत की कि उनके पास राशन कार्ड नहीं है और डीलर उनसे अभद्रता करता है। इस पर सीएम योगी ने तुरंत कार्रवाई के आदेश देते हुए कहा:
“हर जनसेवक को जनता से सम्मान से पेश आना चाहिए। किसी भी तरह का दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
जमीन विवाद बना सबसे बड़ा मुद्दा
जनता दर्शन में आए 50 से अधिक पीड़ितों में से सबसे ज्यादा शिकायतें जमीन से जुड़ी रहीं।
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प्रयागराज से आए CRPF जवान ने जमीन विवाद की बात रखी।
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शामली से आई महिला, जिनके पति असम में तैनात हैं, उन्होंने भी जमीन कब्जे की परेशानी बताई।
सीएम ने इन मामलों पर तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए और कहा कि:
“सेवा में लगे सैनिकों के परिवारों को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।”
इलाज के लिए आर्थिक सहायता: “सरकार साथ है”
मंजू देवी त्रिपाठी ने बताया कि उनका इलाज अपोलो में चल रहा है और मदद चाहिए।
सीएम ने भरोसा दिलाया:
“सरकार हर ज़रूरतमंद मरीज की मदद को तैयार है। अस्पताल से एस्टीमेट भेजिए, हम इलाज का खर्चा देख लेंगे।”
दिव्यांग को मिला सहारा, CM से मिला स्नेह
गाजीपुर से आए दिव्यांग उधम यादव ने पेंशन, आयुष्मान कार्ड, आवास और हैंडपंप की मांग रखी। सीएम ने तुरंत अफसरों को निर्देश दिए और साथ ही इलेक्ट्रॉनिक वॉकिंग स्टिक भेंट की।

यह केवल मदद नहीं, एक संदेश था – दिव्यांगों के लिए सरकार संवेदनशील है।
बच्चों को दी टॉफी, पूछा – “स्कूल जाते हो न?”
जनता दर्शन में आए बच्चों से सीएम योगी ने हल्का-फुल्का संवाद किया।
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पढ़ाई के बारे में पूछा
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सिर पर हाथ रख आशीर्वाद दिया
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टॉफी-चॉकलेट देकर कहा – “अच्छे से पढ़ो, भविष्य उज्ज्वल बनाओ।”
यह एक प्रशासनिक कार्यक्रम ही नहीं, जन-संवाद और भरोसे का पर्व बनता जा रहा है।
जनता दर्शन अब सिर्फ शिकायती मंच नहीं, एक ‘रिलेशन बिल्डिंग मॉडल’ बन चुका है। सीएम योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली लोगों के दिलों को छू रही है — सीधे संवाद, त्वरित आदेश और मानवीय संवेदना।
उत्तर प्रदेश अब फॉर्म से नहीं, फीलिंग्स से भी चल रहा है।
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