“इस बार नवरात्रि में सिर्फ आरती नहीं, एक प्रतिज्ञा भी करें!”

हर साल हम नौ रातों तक मां दुर्गा की पूजा करते हैं, उनके नौ रूपों को सजाते हैं, उपवास रखते हैं, आरती गाते हैं। लेकिन क्या कभी आत्मनिरीक्षण किया है कि इस आराधना का असली मकसद क्या है? नवरात्रि सिर्फ धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि एक नैतिक जागरूकता का उत्सव है। ये समय है भीतर की शक्ति को पहचानने का — और अधर्म के सामने डट कर खड़े होने का। धर्म बनाम अधर्म: कहानी सिर्फ पौराणिक नहीं, आज भी जारी है मां दुर्गा और महिषासुर की कथा प्रतीक है — अच्छाई…

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भूकंप में कांपा अफ़ग़ानिस्तान, लेकिन इंसानियत अब भी ‘साइलेंट मोड’ में

जब 6.0 तीव्रता का भूकंप आधी रात को अफ़ग़ानिस्तान के कुनार और जलालाबाद जैसे क्षेत्रों को झकझोर गया, तो मिट्टी के घरों के साथ-साथ हज़ारों सपने भी मलबे में दब गए।600 से अधिक लोगों की मौत, 1500 घायल – और सैकड़ों अब भी दबे हैं, लेकिन इससे भी ज़्यादा भारी खामोशी है – अंतरराष्ट्रीय स्तर पर। जहाँ जापान, तुर्किये, या यूक्रेन जैसे देशों में संकट आते ही 2 घंटे में मदद के जहाज़ रवाना हो जाते हैं, वहीं अफ़ग़ानिस्तान के लिए? सिर्फ शोक-संदेश, और वो भी ट्विटर पर। Politics vs…

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ये दोस्ती, वो दुश्मनी! ग्लोबल खिचड़ी में पक रहे हैं पाकिस्तान के रिश्ते

दुनिया की राजनीति एक ऐसे बुफ़े की तरह बन गई है जिसमें कोई एक प्लेट में बिरयानी भी है, खिचड़ी भी, और पास्ता भी! और इस थाली का सबसे उलझा हुआ हिस्सा है — पाकिस्तान के रिश्तों की खिचड़ी। एक तरफ पाकिस्तान है जो ईरान से दोस्ती जताता है, दूसरी तरफ इज़राइल से नफ़रत करता है, जबकि अमेरिका इज़राइल का दोस्त और ईरान का दुश्मन है — और वही अमेरिका पाकिस्तान को भी कभी “माय बाप” कहा जाता है। फिर आता है चीन — पाकिस्तान का सबसे वफादार दोस्त —…

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