सिद्धू मूसेवाला के चाहने वालों के लिए ये खबर भावुक कर देने वाली है। सिंगर के सोशल मीडिया हैंडल पर हाल ही में एक वीडियो पोस्ट किया गया जिसमें ये एलान हुआ कि 2026 में उनका ‘Signed To God World Tour’ होगा – और वो भी होलोग्राम के ज़रिए। अब फैंस सोच में पड़ गए – “भाई, जो नहीं रहे, वो स्टेज पर कैसे आएंगे?” मां ने की शाहरुख़ को फंसाने की साजिश, लिव-इन पार्टनर ने खोला राज होलोग्राम से होगा टूर – टेक्नोलॉजी बोले ‘लॉन्ग लिव मूसेवाला!’ यह वर्ल्ड…
Read MoreCategory: मनोरंजन
रिव्यू : निकिता रॉय में भूत भी शर्माएं, सोनाक्षी का स्वैग छा जाए!
सोनाक्षी सिन्हा की नई पेशकश “निकिता रॉय” किसी आम मसाला फिल्म जैसी नहीं, ये भूत-प्रेतों और झूठे बाबाओं की दुनिया से निकलकर सीधे आपकी रीढ़ की हड्डी में सनसनी भरने आई है। और हां, इस बार डायरेक्टर की कुर्सी पर बैठे हैं खुद उनके भाई – कुश एस सिन्हा। भाई साहब की पहली फिल्म है, लेकिन उन्होंने डराने में कोई कसर नहीं छोड़ी। कहानी में ट्विस्ट और बाबा की पोल खोल फिल्म की कहानी घुमावदार है, जैसे पुराने जमाने के ज़मीन के झगड़े। सोनाक्षी बनी हैं निकिता, जो एक खोजी…
Read More‘मदर इंडिया’ – मां भी, मसीहा भी और मेकअप में खेत जोतती महिला भी!
“मां तो आखिर मां होती है… लेकिन जब वही मां बंदूक उठा ले, तो या तो क्रांतिकारी कहलाती है या Meena Kumari का स्ट्रॉन्ग वर्ज़न!” उदित राज ने उठाए सवाल: अंतरिक्ष में दलित क्यों नहीं गया? सिनेमाई भूमि पूजन: खेत, गरीबी और पसीने में लिपटी मां 1957 में मेहबूब खान ने जो किया, उसे आज कोई निर्देशक एक फिल्म में नहीं कर पाएगा – उन्होंने “मां” को राष्ट्र बना दिया और राष्ट्र को सीधा emotional guilt-trip पर भेज दिया। नर्गिस उस वक्त मां बनीं जब असल ज़िंदगी में वो सुनील…
Read Moreहीर राँझा (1970) रेट्रो रिव्यू: शायरी में डूबी मोहब्बत की सबसे दर्दनाक फिल्म
1970 में चेतन आनंद ने जो किया, उसे आज की पीढ़ी “Cinematic Audacity” कहेगी। पूरी फिल्म शायरी में बोलती है! नहीं, मतलब सच में — हर किरदार, हर डायलॉग, हर झगड़ा तक, सबकुछ तुकबंदी में। और इस प्रयोग को नाकाम नहीं, मास्टरपीस कहा गया। अखिलेश केदारनाथ बना बैठे, शंकराचार्य बन बैठे क्या-अब काबा भी बनवायेंगे ? राजकुमार: एक्टर नहीं, चलता-फिरता उर्दू शेर अगर आपको लगता है कि आजकल के हीरो स्टाइलिश हैं, तो ज़रा राजकुमार को देख लीजिए – नज़रों से तलवार चलाते हैं और जुबान से इश्क। उनके डायलॉग…
Read More‘चलती का नाम गाड़ी’ रेट्रो रिव्यू – बॉलीवुड क्लासिक जो आज भी दिलों में है
जब हम बॉलीवुड की क्लासिक फिल्मों की बात करते हैं, तो 1958 की ‘चलती का नाम गाड़ी’ हमेशा याद आती है। सत्येन बोस द्वारा निर्देशित इस फिल्म में मधुबाला, अशोक कुमार, किशोर कुमार और अनूप कुमार जैसे दिग्गज कलाकारों ने अभिनय किया था। यह फिल्म न केवल उस दौर का एक शानदार संगीतमय कॉमेडी हिट थी, बल्कि आज भी बॉलीवुड के चाहने वालों के बीच एक क्लासिक के रूप में पहचानी जाती है। मां ने की शाहरुख़ को फंसाने की साजिश, लिव-इन पार्टनर ने खोला राज कहानी: साधारण, लेकिन मजेदार…
Read Moreदिल दिया दर्द लिया रेट्रो रिव्यू: जब दिलीप कुमार का दिल टूटा और दर्द मिला
1966 की फिल्म दिल दिया दर्द लिया दिलीप कुमार का वो इमोशनल प्रोजेक्ट था, जिसमें उन्होंने ना सिर्फ एक्टिंग की बल्कि डायरेक्शन में भी हाथ डाला। सोचा था “हीथक्लिफ़” बन कर इतिहास रचेंगे, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर इतिहास ही ग़ायब हो गया। रेट्रो रिव्यू: “वो कौन थी?” – और आज तक किसी को नहीं पता फिल्म का नारा होना चाहिए था –“दिल दिया, दर्द लिया… पर टिकट के पैसे वापस नहीं मिले।” वुथरिंग हाइट्स इन देसी टाइप एमिली ब्रोंटे के डार्क, इंटेंस और पागलपन से भरे उपन्यास Wuthering Heights को…
Read Moreअहान पांडे की सैयारा से एंट्री, ट्विटर पर मचा बवाल – आशिकी 2 की यादें ताजा
18 जुलाई 2025 को रिलीज़ हुई यशराज फिल्म्स की ‘सैयारा’, केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि बॉलीवुड में अहान पांडे की बकायदा एंट्री का ऐलान है। मोहित सूरी के निर्देशन में बनी यह फिल्म उतनी ही भावुक है, जितनी आक्रामक, और उतनी ही साउंडट्रैक-हैवी है, जितनी “आशिकी-मैगनेटिक”। “अब मोहब्बत एकतरफा ना होई! ओवैसी बोले – हमरो दिल टुटेला, गठबंधन वाला!” फिल्म में क्या है खास? कृष कपूर का गुस्सा और गिटार दोनों बजता है! फिल्म का मुख्य किरदार कृष कपूर (अहान पांडे) गिटार भी बजाता है और आलोचकों की धुलाई भी…
Read Moreफिल्ममेकर-एक्टर धीरज कुमार का निधन, 80 साल की उम्र में ली अंतिम सांस
भारतीय एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के जाने-माने निर्माता, निर्देशक और अभिनेता धीरज कुमार अब हमारे बीच नहीं रहे। 80 वर्षीय धीरज कुमार का मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में निधन हो गया।वो कुछ दिनों से निमोनिया के कारण भर्ती थे और वेंटिलेटर पर थे। संगम रेट्रो रिव्यू: जब प्यार, दोस्ती और विदेश यात्रा तीन घंटे में फिट हो गए अस्पताल में थे भर्ती, अब नहीं रहे उनकी हालत पिछले कुछ दिनों से बेहद नाज़ुक थी। परिवार ने कुछ दिन पहले एक बयान जारी कर फैंस से प्राइवेसी बनाए रखने और उनके स्वास्थ्य लाभ…
Read Moreपड़ोसन फिल्म रेट्रो रिव्यू: जब किशोर कुमार ने म्यूजिक से सबको चुप कर दिया
1968 की “पड़ोसन” कोई साधारण रोमांटिक कॉमेडी नहीं थी, बल्कि यह उन लोगों की पवित्र गाथा है जो प्रेम के लिए कुछ भी करने को तैयार थे—यहां तक कि संगीत भी सीख लिया! जी हां, भोलाराम (सुनील दत्त) एक ऐसा प्रेमवीर है जिसे न संगीत आता है, न तमीज़, लेकिन मोहब्बत के नाम पर वो सब सीख जाता है — थिरकना छोड़, थिरकाने का गुर भी! चेहरा चिपचिपा या चमकदार? सावन में स्किन केयर के देसी जुगाड़ जब किशोर कुमार बने गायक और गाइड किशोर कुमार उर्फ “विद्यापति” यानी वो…
Read Moreरेट्रो रिव्यू: “वो कौन थी?” – और आज तक किसी को नहीं पता
राज खोसला निर्देशित ‘वो कौन थी’ (1964) एक ऐसी रहस्यमयी थ्रिलर है, जो शुरू होते ही सवाल छोड़ देती है – “कौन थी वो सफेद साड़ी वाली लड़की जो रात की बारिश में टैक्सी रुकवाती है?” और दर्शक 2 घंटे 25 मिनट तक यही सोचता रह जाता है – “अरे भाई, कोई तो बताए!” ‘एक फूल दो माली’ रिव्यू: बलराज साहनी और संजय खान की क्लासिक प्लॉट का मजा: जहां प्यार भी है… और प्रेत भी? फिल्म की शुरुआत होती है एक अजनबी लड़की से जो बारिश में डॉक्टर आनंद…
Read More