
मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव से पहले महायुति (Mahayuti) में दरार खुलकर सामने आ गई है। केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले की पार्टी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया–अठावले (RPI-A) ने BMC चुनाव के लिए 39 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है।
यह फैसला ऐसे वक्त आया है, जब BJP और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बीच 137 और 90 सीटों का बंटवारा तय हो चुका है। BMC में कुल 227 वार्ड हैं।
‘BJP ने हमें नजरअंदाज किया’—Athawale का आरोप
रामदास अठावले ने BJP पर सीधे तौर पर विश्वासघात का आरोप लगाया। उन्होंने कहा- “BJP और शिवसेना के साथ आने से RPI को टिकट देने में दिक्कत हुई। रिपब्लिकन पार्टी मुंबई में मजबूत है, लेकिन बातचीत में हमें एक बार भी नहीं बुलाया गया।”
Athawale के मुताबिक, RPI को alliance talks से बाहर रखा गया।
‘हमें सिर्फ 6 सीटें ऑफर की गईं’
Athawale ने खुलासा किया कि RPI ने 26 सीटों की मांग रखी थी। उम्मीद थी 14–15 सीटें मिलेंगी। लेकिन रात 2 बजे बताया गया कि सिर्फ 6 सीटें दी जा रही हैं “ये सीटें वो थीं जो हमने मांगी ही नहीं थीं। वहां हमारे उम्मीदवार तक नहीं हैं।”
उन्होंने इसे BJP की ओर से “बहुत बड़ा धोखा” बताया।
Mahayuti में रहेंगे, लेकिन Mumbai में Friendly Fight
दिलचस्प बात यह है कि Athawale ने गठबंधन से पूरी तरह नाता नहीं तोड़ा है। उनका कहना है- Mumbai की 38 सीटों पर RPI अपने चुनाव चिन्ह पर लड़ेगी। बाकी सीटों पर BJP–Shiv Sena के लिए प्रचार करेगी। राज्य और केंद्र में Mahayuti का समर्थन जारी रहेगा।

“हम Mahayuti के साथ हैं, लेकिन मुंबई में अपने दम पर चुनाव लड़ेंगे।”
सिर्फ Mumbai नहीं, दूसरे शहरों में भी नाराजगी
Athawale ने आरोप लगाया कि RPI को:
- नागपुर
- अमरावती
- औरंगाबाद
- नालासोपारा
- कल्याण–डोंबिवली
जैसे शहरों में भी सीटें नहीं दी गईं। भिवंडी में सिर्फ एक सीट मिली। उनके मुताबिक, इससे पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है।
गठबंधन में सीट कम मिलें तो नाम “Alliance” रहता है, लेकिन फीलिंग “Solo Artist” वाली हो जाती है।
नफ़रत का नतीजा या सिस्टम की चुप्पी? देहरादून हत्या पर राहुल का बड़ा हमला
