“सीट शेयरिंग का झमेला: NDA में कुर्सी कम, कुर्सी के उम्मीदवार ज़्यादा!”

आलोक सिंह
आलोक सिंह

बिहार में चुनावी घमासान शुरू हो चुका है, और कुर्सियों की गिनती जितनी आसान दिखती है, उतनी सियासी गणित में उलझी हुई है। एनडीए में सीट शेयरिंग पर बात लगभग फाइनल हो गई है – लेकिन चिराग पासवान अब भी अपनी “243 सीटों वाली थ्योरी” पर अड़े हैं।

सीट शेयरिंग का नया फॉर्मूला: 243 सीटें, 243 राय

बिहार विधानसभा की 243 सीटों में से BJP और JDU को मिल सकती हैं 100-105 सीटें। बाकी बची सीटें छोटे लेकिन ‘शेरदिल’ दलों में बंटेंगी – जैसे HAM, RLM, और शायद VIP भी… अगर मुकेश सहनी की नाव NDA की गंगा में उतर जाए।

सियासी सूत्रों के मुताबिक, सीट शेयरिंग के लिए अब कैलकुलेटर नहीं, कैलेंडर लगाना पड़ रहा है।

चिराग की डिमांड: “दे दो पूरी विधानसभा, बाकियों को मैं प्रचार करवा दूंगा!”

चिराग पासवान फिर से फॉर्म में हैं। भले ही पिछले चुनाव में 135 सीटों पर लड़कर सिर्फ एक जीत पाई हो, लेकिन आत्मविश्वास ऐसा है जैसे IPL जीतकर लौटे हों। वो 243 सीटों पर चुनाव लड़ने की बात दोहरा चुके हैं, और साथ में यह भी कह चुके हैं कि NDA में ही रहेंगे… लेकिन सीटें भी चाहिए!

“अगर सीट नहीं मिली, तो हम गठबंधन में तो रहेंगे… लेकिन ‘गठबंधन’ को ही सीट नहीं मिलेंगी।” — NDA के अंदरूनी सूत्रों की नींद उड़ाने वाला डायलॉग।

2020 का रिपोर्ट कार्ड: किसे कितनी मिली थी सीट, कितनी रही थी सीट!

  • BJP: 74 सीटें (लड़ी थी 110 पर)

  • JDU: 43 सीटें (लड़ी थी 115 पर)

  • VIP: 11 सीटें मिली, 4 जीती

  • HAM: 7 सीटें मिली, 4 जीती

  • LJP (तब बाहर): 135 लड़ी, 1 जीती

नतीजे देख कर जेडीयू को समझ आ गया है – “बड़ा भाई बनना भारी पड़ता है।” इस बार वो भी 100 से नीचे नहीं जाना चाहते।

इंडिया गठबंधन की चाल: राहुल और तेजस्वी का टूर!

दूसरी तरफ INDIA गठबंधन भी कम नहीं। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पूरे बिहार में घूम-घूमकर जोश नहीं, बायोडाटा भर रहे हैं – हर जिले में जाकर बता रहे हैं कि कौन, किसके साथ, क्यों और कब हार सकता है।

राहुल का दावा: “इस बार बिहार में हवा है इंडिया गठबंधन की!”
नीतीश कुमार की प्रतिक्रिया: “हवा तो चलती है, लेकिन किस दिशा में, ये चुनाव बताएगा।”

अगर VIP ने बदल लिया पाला, तो NDA में ‘वीआईपी’ हो जाएगा ‘Viral Internal Panic’

मुकेश सहनी की पार्टी VIP कभी NDA में थी, अब INDIA में है – लेकिन अगर चुनाव से पहले फिर NDA में आ गई, तो सारा फॉर्मूला हिल सकता है।

मतलब कुछ दल हैं जो गठबंधन में कम, घूमती कुर्सी में ज़्यादा भरोसा रखते हैं।

NDA का बंटवारा तय, लेकिन चिराग की गूगली बाकी!

बिहार की राजनीति में सीटों का बंटवारा कुर्सी से ज़्यादा ‘कुर्सी की कुर्सी’ पर टिका है। NDA ने कुछ हद तक फॉर्मूला सेट कर लिया है, लेकिन जब तक चिराग पासवान 243 सीटों का सपना नहीं छोड़ते, तब तक NDA की मीटिंग्स ‘Netflix ड्रामा’ से कम नहीं।

NDA बोले: “सीट तो देंगे, पर पूरे विधानसभा भवन पर मत बैठ जाइए।”

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