
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे और अंतिम चरण की वोटिंग आज जारी है। इस चरण में 122 विधानसभा सीटों पर मतदाता अपने प्रतिनिधि चुन रहे हैं।
सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं — खासकर महिलाओं और युवा वोटर्स में गजब का जोश दिखाई दे रहा है।
सुबह 9 बजे तक कुल मतदान प्रतिशत 14.55% रहा है। कई जिलों में मतदान रफ्तार पकड़ रहा है, जबकि कुछ शहरी क्षेत्रों में अभी भी मतदान धीमा है।
कहां कितना मतदान हुआ — जिलेवार झलक (सुबह 9 बजे तक)
| सीट | मतदान % | सीट | मतदान % |
|---|---|---|---|
| अरवल | 14.87 | बगहा | 16.25 |
| बेलागंज | 17.02 | बाराचट्टी | 17.87 |
| गया टाउन | 11.14 | बोध गया | 15.88 |
| धनदाहा | 16.05 | किशनगंज | 16.21 |
| झाझा | 16.94 | बेलहर | 15.73 |
| बेतिया | 13.76 | गोह | 15.69 |
| जमुई | 14.90 | चैनपुर | 14.55 |
| कटोरिया | 13.90 | भागलपुर | 9.28 |
स्रोत: चुनाव आयोग, बिहार
शांतिपूर्ण मतदान के लिए पुख्ता इंतज़ाम
चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। संवेदनशील और अति-संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई है। ड्रोन कैमरों के ज़रिए हवा से निगरानी की जा रही है। जिला प्रशासन ने कंट्रोल रूम और क्विक रिस्पॉन्स टीमें एक्टिव रखी हैं। ईवीएम और वीवीपैट की लगातार मॉनिटरिंग भी की जा रही है ताकि किसी तरह की तकनीकी गड़बड़ी न हो।
बॉर्डर इलाकों में हाई अलर्ट: नेपाल और बंगाल सीमा पर सख्त चौकसी
इस चरण में जिन सीटों पर मतदान हो रहा है, उनमें कई क्षेत्र झारखंड, पश्चिम बंगाल और नेपाल की सीमाओं से सटे हुए हैं। इसलिए, सीमा इलाकों में एसएसबी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। अवैध गतिविधियों, नकद लेनदेन और बाहरी प्रभावों पर रोक के लिए सीमाओं को सील कर दिया गया है।
“हमारा फोकस शांतिपूर्ण मतदान पर है। हर बूथ पर सुरक्षा और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

— राज्य निर्वाचन अधिकारी, बिहार
महिलाओं और युवाओं की भागीदारी बनी मुख्य आकर्षण
इस बार मतदान केंद्रों पर महिलाओं की लंबी कतारें और पहली बार वोट डालने वाले युवाओं का उत्साह चर्चा में है। कई युवाओं ने कहा कि वे “बदलाव और विकास” के लिए वोट दे रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में महिला सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स ने भी लोगों को मतदान के लिए प्रेरित किया।
बिहार चुनाव 2025 का यह दूसरा चरण राज्य के राजनीतिक भविष्य को तय करने में अहम साबित होगा। अब सबकी निगाहें शाम तक के फाइनल टर्नआउट और मतदाताओं के मूड पर टिकी हैं। एक बात साफ है — बिहार में लोकतंत्र का पर्व पूरे जोश के साथ मनाया जा रहा है।
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