नई दिल्ली: दक्षिणी दिल्ली के साकेत स्थित सैदुलजाब इलाके में हुए दर्दनाक इमारत हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को राजधानी में चल रहे सभी अवैध और अनधिकृत निर्माणों का व्यापक सर्वेक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। सरकार का उद्देश्य ऐसे निर्माणों की पहचान कर भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकना है।
साकेत हादसे ने बढ़ाई प्रशासन की चिंता
पिछले सप्ताह सैदुलजाब इलाके में एक बहुमंजिला इमारत अचानक ढह गई थी, जिसमें छह लोगों की जान चली गई थी। हादसे के बाद से ही निर्माण सुरक्षा और भवन नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जिस इमारत में यह दुर्घटना हुई, वहां कोचिंग संस्थान, कैफे और कई व्यावसायिक कार्यालय संचालित किए जा रहे थे।
प्रारंभिक जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय इमारत की ऊपरी मंजिल पर निर्माण कार्य चल रहा था। बताया जा रहा है कि यह निर्माण अधिकृत नहीं था और इसी वजह से भवन की संरचनात्मक मजबूती प्रभावित हुई हो सकती है। हालांकि अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा।
पूरे शहर में होगा व्यापक सर्वेक्षण
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने एमसीडी को निर्देश दिया है कि दिल्ली के सभी क्षेत्रों में भवनों का विस्तृत सर्वेक्षण किया जाए। इस दौरान अनधिकृत निर्माण, भवन मानकों के उल्लंघन, संरचनात्मक खामियों और नियमों के विरुद्ध संचालित गतिविधियों की पहचान की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि पहले से चिन्हित किए गए अवैध निर्माणों और उनके खिलाफ की गई कार्रवाई की स्थिति रिपोर्ट भी तैयार कर प्रस्तुत की जाए। प्रशासन यह जानना चाहता है कि पूर्व में दर्ज मामलों में कितनी कार्रवाई हुई और किन मामलों में अभी भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
अनियमितताओं पर कार्रवाई की तैयारी
अधिकारियों के अनुसार, सामान्य प्रक्रिया के तहत एमसीडी अवैध निर्माण पाए जाने पर संबंधित संपत्तियों को सील कर सकती है या उन्हें खाली कराने के लिए नोटिस जारी कर सकती है। गंभीर संरचनात्मक खामियों और गैर-अनुरूप क्षेत्रों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को भी कार्रवाई के दायरे में लाया जाएगा।
परिवहन विभाग के दफ्तरों का भी किया औचक निरीक्षण
इसी बीच मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को बुराड़ी स्थित परिवहन विभाग के विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण भी किया। इस दौरान उन्होंने जिला परिवहन कार्यालय, वाहन निरीक्षण इकाई, वाहन प्रशिक्षण संस्थान और स्वचालित परीक्षण केंद्र का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने नागरिक सुविधाओं की स्थिति पर अधिकारियों से जानकारी ली और आवश्यक सुधारों के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं।
भवन सुरक्षा पर सरकार की बढ़ी निगरानी
साकेत हादसे के बाद राजधानी में भवन सुरक्षा और अवैध निर्माणों पर निगरानी बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में एमसीडी की रिपोर्ट के आधार पर विभिन्न क्षेत्रों में बड़े स्तर पर निरीक्षण और कार्रवाई अभियान चलाया जा सकता है।
