इलाज फ्री, पेमेंट ऑन टाइम! आयुष्मान में योगी मॉडल की Recovery

साक्षी चतुर्वेदी
साक्षी चतुर्वेदी

योगी सरकार उत्तर प्रदेश में गरीबों और जरूरतमंदों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ, समयबद्ध और भरोसेमंद बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) के तहत जहां मरीजों को कैशलेस इलाज मिल रहा है, वहीं अब अस्पतालों के क्लेम भुगतान सिस्टम को भी मजबूत किया गया है।

नतीजा साफ है— क्लेम पेंडेंसी में बड़ी गिरावट, भुगतान में तेजी, अस्पतालों का भरोसा बहाल।   

10.75 लाख से 3 लाख तक गिरी क्लेम पेंडेंसी

State Agency for Comprehensive Health & Integrated Services (SACHIS) की CEO अर्चना वर्मा के मुताबिक:

  • जनवरी 2025 में क्लेम पेंडेंसी: 10.75 लाख
  • दिसंबर 2025 तक घटकर: केवल 3 लाख

उन्होंने बताया कि प्रति माह औसतन 2 लाख से ज्यादा क्लेम आते हैं। पुराने लंबित मामलों के साथ-साथ नए क्लेम का भी नियमित निस्तारण किया जा रहा है।

उद्देश्य साफ है— अस्पताल इलाज करें, कागज़ों में न उलझें।

30 दिन में भुगतान का लक्ष्य (TAT Mode ON)

योगी सरकार का फोकस सिर्फ संख्या पर नहीं, Turn Around Time (TAT) पर भी है।
योजना के तहत लक्ष्य है कि हर वैध क्लेम का भुगतान 30 दिनों के भीतर हो।

इसके लिए नियमित समीक्षा बैठकें, लंबित मामलों की daily monitoring, सिस्टम लेवल जवाबदेही सुनिश्चित की जा रही है।

Medical Audit हुआ Strong, सिस्टम हुआ Fast

SACHIS की ACEO पूजा यादव ने बताया कि मेडिकल ऑडिटर्स की संख्या 40 से बढ़ाकर 130 कर दी गई। Claim Processing Desk (CPD) 100 से बढ़ाकर 125, इससे जांच तेज, पारदर्शिता बेहतर फर्जी या अधूरे क्लेम पर लगाम।

मतलब— File घूमे कम, फैसला आए जल्दी।

एक साल में ₹4,649 करोड़ का भुगतान

जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 के बीच ₹4,649 करोड़ रुपये आयुष्मान योजना के तहत प्रदेश के सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों को भुगतान किए जा चुके हैं।

यह दिखाता है कि सरकार सिर्फ इलाज की बात नहीं कर रही बल्कि अस्पतालों के financial health का भी ध्यान रख रही है।

सीधा फायदा किसे? गरीब मरीज को

इस सुधार का सबसे बड़ा लाभ:

  1. गरीब
  2. जरूरतमंद
  3. आयुष्मान कार्ड धारक

अब इलाज के लिए कर्ज नहीं, जमीन-जायदाद बेचने की मजबूरी नहीं और अस्पताल भी मरीज को “payment pending” कहकर टाल नहीं सकते।

सिस्टम बोले—अब ठीक हूं!

पहले:
फाइल कहां अटकी है?

अब:
“पेमेंट प्रोसेस में है, 30 दिन में आ जाएगा।”

जब सिस्टम खुद बीमार हो, तो इलाज कैसे चले? लगता है आयुष्मान में पहले सिस्टम का इलाज किया गया — और वही काम कर गया।

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