सरकारी नौकरी की तैयारी भारत में लाखों युवाओं का सपना है। चाहे वह UPSC हो, SSC, बैंकिंग, रेलवे या स्टेट लेवल की परीक्षाएं—कड़ी प्रतिस्पर्धा, अनिश्चितता और सामाजिक दबाव के बीच तनाव होना स्वाभाविक है। आज हम जानेंगे कि कैसे मानसिक तनाव से निपटा जाए और तैयारी के हर पड़ाव पर खुद को मानसिक रूप से मजबूत रखा जाए। बदलती राजनीति में भाषा का पतन: अब विरोध दलों का नहीं, दिलों का होने लगा है तनाव का स्रोत पहचानें (Identify the Source of Stress) पारिवारिक दबाव: अक्सर माता-पिता की उम्मीदें मानसिक…
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बदलती राजनीति में भाषा का पतन: अब विरोध दलों का नहीं, दिलों का होने लगा है
भारतीय राजनीति का स्तर अब नीतियों की बहस से हटकर निजी हमलों और विकृत भाषा की ओर मुड़ गया है। पहले जहां विपक्षियों के बीच “मतभेद” होता था, अब “मनभेद” साफ झलकता है। आज की राजनीति में भाषा एक सेतु नहीं, एक हथियार बन चुकी है। “राजनीति में गाली गलौज” और “नेताओं की विवादित भाषा” जैसे कीवर्ड्स गूगल पर टॉप ट्रेंड कर रहे हैं। कोई भी नया बिजनेस डालने से पहले करें ये 7 ज़रूरी रिसर्च जब बहस की जगह बवाल ने ली कभी संसद में अटल बिहारी वाजपेयी जैसे…
Read Moreकोई भी नया बिजनेस डालने से पहले करें ये 7 ज़रूरी रिसर्च
मुंबई : आज के दौर में खुद का बिजनेस शुरू करना जितना रोमांचक है, उतना ही रिस्क से भरा हुआ भी है। अगर आप वाकई एक सफल एंटरप्रेन्योर बनना चाहते हैं, तो बिजनेस आइडिया लाने से पहले और इन्वेस्टमेंट करने से पहले सही रिसर्च करना ज़रूरी है। यहां हम बताएंगे कि नया बिजनेस शुरू करने से पहले कौन-कौन सी रिसर्च करना ज़रूरी होता है — ताकि आप फेल ना हों, बल्कि फुल फॉर्म में ग्रो करें। करंट अफेयर्स कैसे बनाएं अपनी सिविल सर्विस की तैयारी का सबसे मजबूत हथियार? मार्केट…
Read Moreकरंट अफेयर्स कैसे बनाएं अपनी सिविल सर्विस की तैयारी का सबसे मजबूत हथियार?
लखनऊ : UPSC परीक्षा में हर साल करंट अफेयर्स की भूमिका और भी महत्वपूर्ण होती जा रही है। चाहे वह Prelims के objective सवाल हों या Mains के विश्लेषणात्मक निबंध, हर सेक्शन में करंट अफेयर्स का प्रत्यक्ष प्रभाव देखने को मिलता है। बिहार के सियासत: लिट्टी-चोखा में मिली जेपी मूवमेंट के गरम मसाला के साथ! Prelims में लगभग 25-30 सवाल करंट अफेयर्स पर आधारित होते हैं। Mains में GS पेपर 2 और 3 50 फीसदी सम-सामयिक मुद्दों पर केंद्रित रहते हैं। Interview (Personality Test) में तो आपकी करंट घटनाओं पर…
Read Moreबिहार के सियासत: लिट्टी-चोखा में मिली जेपी मूवमेंट के गरम मसाला के साथ!
बिहार के राजनीति मतलब एगो एहन थाली, जहाँ लिट्टी-चोखा के साथ कबो लालू जी के नमक घुलल बा, त कबो नीतीश बाबू के इमली! नीतीश कुमार: कबूतर के चाल, बाज के नजर, आ गठबंधन बदलले के आदत! नीतीश बाबू के राजनीति समझे के होखे, त बटन वाला रेडियो निकाल लीं — जेकर बटन घुमा के कबो NDA, कबो महागठबंधन सुनाई देला। “सुशासन बाबू” कहल जाए लें, बाकिर गठबंधन के GPS उनकर अब तक चार बार सिग्नल खो चुकल बा। जब राहुल मिले तेजस्वी से – और चुनावी रणनीति बनी Netflix…
Read Moreजब राहुल मिले तेजस्वी से – और चुनावी रणनीति बनी Netflix Original!
स्थान: पटना, एक एयर-कंडीशन्ड मीटिंग हॉलवक्त: चाय और रणनीति का मेल टाइम – शाम के 5 बजे आजमगढ़ : आर्थिक क्रांति की शुरुआत, 599 करोड़ की परियोजना से बदलेगी तस्वीर Strategy Room या Meme Factory? राहुल गांधी (iPad हाथ में, गंभीर मुद्रा में):“देखो तेजस्वी, हमें बिहार में एक emotion-driven narrative बनाना होगा। मतलब, कुछ ऐसा जिसमें मैं साइकल चला रहा हूं, तुम पकौड़े खा रहे हो, और जनता रो रही हो।” तेजस्वी (गुटखा स्टाइल आत्मविश्वास में):“बिलकुल! और background में लालू जी की कोई पुरानी स्पीच – थोड़ा nostalgia, थोड़ा socialism,…
Read Moreआजमगढ़ : आर्थिक क्रांति की शुरुआत, 599 करोड़ की परियोजना से बदलेगी तस्वीर
आजमगढ़ (उत्तर प्रदेश) : अब नकारात्मक छवि से निकलकर औद्योगिक विकास और हरित ऊर्जा (Green Energy) का नया केंद्र बनने की ओर बढ़ रहा है। जहां कभी आजमगढ़ का नाम आतंकवाद और अंडरवर्ल्ड के संदर्भ में लिया जाता था, वहीं अब यही ज़िला उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े निजी निवेश प्रोजेक्ट्स में से एक की मेज़बानी करने जा रहा है। भाषा की मर्यादा और भारतीय राजनीति के प्रवक्ता: अतीत बनाम वर्तमान 599 करोड़ की लागत से लग रहा है मेगा ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट देश-विदेश में सफल कारोबारी रह चुके सत्येंद्र…
Read Moreभाषा की मर्यादा और भारतीय राजनीति के प्रवक्ता: अतीत बनाम वर्तमान
मुझे ये अच्छे से याद है कि एक समय था जब भारतीय राजनीति में संवाद की एक गरिमा हुआ करती थी। न्यूज़ चैनल की डिबेट में चाहे जितनी भी तीखी बहस हो, भाषा की मर्यादा और विचारों की शालीनता बनी रहती थी। कांग्रेस ने जहाँ देश में पहली बार आनंद शर्मा को प्रवक्ता बनाया वहीँ बीजेपी ने सुषमा स्वराज और प्रमोद महाजन को जबकि सीताराम येचुरी को सीपीआई ने प्रवक्ता बना पार्टी का पक्ष रखने की जिम्मेदारी सौंपी ये नेता न सिर्फ अपने विचारों की स्पष्टता के लिए जाने…
Read Moreहिंदू-मुस्लिम ध्यान दें : क्या उर्दू विदेशी है? सुप्रीम कोर्ट ने तोड़ी वर्षों पुरानी ग़लतफहमी
नई दिल्ली : महाराष्ट्र के अकोला जिले के पातुर नगर परिषद भवन पर लगे साइनबोर्ड पर उर्दू भाषा के इस्तेमाल को चुनौती दी गई थी। याचिका पूर्व पार्षद वर्षाताई संजय बागड़े ने दायर की थी, जिसमें उन्होंने कहा कि केवल मराठी भाषा का उपयोग होना चाहिए, क्योंकि यह महाराष्ट्र लोकल अथॉरिटी (राजभाषा) अधिनियम, 2022 के तहत ज़रूरी है। रॉबर्ट वाड्रा एंड कंपनी स्पेशल एडिशन: ईडी की ‘ज़मीनी मोहब्बत’ वापस ऑन स्क्रीन! सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट रुख 15 अप्रैल 2025 को सुनवाई के दौरान जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस के. विनोद…
Read Moreरॉबर्ट वाड्रा एंड कंपनी स्पेशल एडिशन: ईडी की ‘ज़मीनी मोहब्बत’ वापस ऑन स्क्रीन!
दिन: वही जो हर बार होता हैजगह: वही पुराना बंगलामौसम: चुनावीपात्र: रॉबर्ट वाड्रा, ED अफसर, और बेचारे कानून के पन्ने ओपनिंग सीन: ईडी की जीप वाड्रा हाउस के सामने रुकती हैडोर बेल बजती है…वाड्रा जी दरवाजा खोलते हैं, चेहरे पर शांति और पीछे से “तेरे नाम” वाला बैकग्राउंड म्यूजिक… वाड्रा: “अरे आप लोग फिर? चाय लाऊँ या FIR?”ईडी अफसर: “आज तो सिर्फ़ पूछताछ है, लेकिन बिस्किट के साथ जमीन के काग़ज़ भी ले आना।” पूछताछ के हिट डायलॉग: ED: “राजस्थान की वो ज़मीन आपने कैसे खरीदी?”वाड्रा: “भाईसाहब, वो तो OLX…
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