
पाकिस्तान के फील्ड मार्शल और सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने अमेरिका में एक कार्यक्रम के दौरान बयान देते हुए कहा कि “अगर भारत से लड़ाई में पाकिस्तान के अस्तित्व को ख़तरा हुआ, तो वो पूरे इलाके को न्यूक्लियर वॉर में झोंक देगा।”
जी हां, न्यूक्लियर हथियारों की धमकी अब सीमा पर नहीं, सीधे अमेरिका की धरती से आ रही है! यानी अब डिप्लोमेसी नहीं, धमकी एक्सपोर्ट की जा रही है।
ओवैसी का तड़का: “मोदी सरकार सिर्फ़ बयान न दे, जवाब दे!”
AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इसपर रिएक्ट करते हुए कहा कि ये न सिर्फ़ निंदनीय है, बल्कि गंभीर भी क्योंकि ये बयान भारत के खिलाफ अमेरिका में दिया गया।
उन्होंने एक्स (Twitter) पर लिखा,
“मोदी सरकार को इस पर विदेश मंत्रालय की प्रेस रिलीज़ से आगे बढ़कर एक सख़्त राजनीतिक संदेश देना चाहिए।“
ओवैसी ने ये भी कहा कि सरकार को अमेरिका के सामने भी ये मुद्दा मजबूती से उठाना चाहिए। यानि वो दिन गए जब “चुप रहो, पड़ोसी है” वाला रवैया था… अब “कूटनीति के साथ कूट” की मांग है।
सवाल ये उठता है…
क्या पाकिस्तान के आर्मी चीफ़ का ये बयान सिर्फ़ ड्रामा है या डिप्लोमैटिक ट्रैप? और भारत को इसका जवाब UN में नोट बनाकर देना चाहिए या नोटबंदी वाले तेवर में?
“SIR ड्रामा: अदालत बोली– ‘मौत को मत दर्ज करो, वरना हम बीच में टोक देंगे!’

