हवाई किराये पर सरकारी नियंत्रण होगा खत्म, 1 जनवरी 2027 से एयरलाइंस खुद तय करेंगी टिकट के दाम; नए नियम अधिसूचित

नई दिल्ली: हवाई सफर करने वालों के लिए किराये से जुड़ा बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने भारतीय विमानन नियम, 2026 को अधिसूचित कर दिया है। नए नियम एक जनवरी 2027 से लागू होंगे। इसके बाद सामान्य परिस्थितियों में सरकार एयरलाइंस के टिकट किराये को बढ़ाने या घटाने में दखल नहीं देगी। हालांकि, किसी विशेष परिस्थिति में जनहित को देखते हुए सरकार हस्तक्षेप कर सकेगी।

संचालन लागत के आधार पर तय होगा हवाई किराया

नए नियमों के तहत एयरलाइंस को अपनी परिचालन लागत के हिसाब से हवाई किराया तय करने की छूट होगी। कंपनियों को किराये से जुड़ी जानकारी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को देनी होगी। इसके साथ ही पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अपनी वेबसाइट पर भी किराये की पूरी जानकारी उपलब्ध करानी होगी।

नोटिफिकेशन के मुताबिक, एयरलाइंस को यात्रियों के सामने टिकट के किराये का पूरा ब्योरा रखना होगा। इसमें बेस किराया, टैक्स, शुल्क, टिकट रद्द कराने का चार्ज और रिफंड से संबंधित जानकारी शामिल होगी। किसी विशेष परिस्थिति में सरकार जनहित में एयरलाइंस को जरूरी निर्देश दे सकेगी।

एटीएफ की कीमतों में लगातार चौथे महीने बढ़ोतरी

इस बीच विमान ईंधन यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। रविवार से एटीएफ के दाम में 1.37 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद दिल्ली में इसकी कीमत 137.12 रुपये से बढ़कर 138.50 रुपये प्रति लीटर हो गई है।

विमान ईंधन की कीमतों में यह लगातार चौथे महीने हुई बढ़ोतरी है। इससे पहले एक अक्टूबर को एटीएफ के दाम में 16 रुपये प्रति लीटर की बड़ी वृद्धि की गई थी। सितंबर में 6.28 रुपये और अगस्त में पांच रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी।

एयरलाइन कंपनियों की लागत पर बढ़ेगा दबाव

एटीएफ की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से विमानन कंपनियों के परिचालन खर्च पर दबाव बढ़ने की आशंका है। एयरलाइन कंपनियों के कुल परिचालन खर्च में विमान ईंधन की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत होती है। ऐसे में ईंधन महंगा होने से कंपनियों का खर्च बढ़ सकता है।

इसके अलावा 19 किलोग्राम वाले वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत में भी 10 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। विमान ईंधन और वाणिज्यिक गैस के दाम बढ़ने के बीच अब नए नियमों के लागू होने पर हवाई किराये को लेकर एयरलाइंस को पहले से अधिक स्वतंत्रता मिलेगी।

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