नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में ठंड की आहट के साथ वायु प्रदूषण का स्तर भी बढ़ने लगा है। मंगलवार सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 161 दर्ज किया गया, लेकिन शाम होते-होते कई इलाकों में यह 200 के पार पहुंच गया। मौसम में बदलाव के बीच वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली ने 21 और 22 अक्टूबर को हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंचने की आशंका जताई है। पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले छह दिनों तक भी दिल्ली की हवा खराब श्रेणी में बनी रह सकती है। ऐसे में तापमान में गिरावट के साथ प्रदूषण की बढ़ती समस्या लोगों की चिंता बढ़ा रही है।
दिल्ली में गिरने लगा तापमान, सुबह-शाम बढ़ी ठंड
मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.8 डिग्री कम था। वहीं, न्यूनतम तापमान 17.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.7 डिग्री कम दर्ज किया गया। दिन के मुकाबले रात के तापमान में गिरावट के कारण सुबह और शाम ठंड का एहसास बढ़ने लगा है।
मौसम में बदलाव के साथ राजधानी की वायु गुणवत्ता पर भी असर देखने को मिल रहा है। पूर्व चेतावनी प्रणाली के अनुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में प्रदूषण का स्तर खराब श्रेणी में बना रह सकता है।
दिल्ली के आसमान में 24 और 25 अक्टूबर को छा सकते हैं बादल
मौसम विभाग के मुताबिक, मंगलवार को राजधानी में हवा की नमी का अधिकतम स्तर 96 प्रतिशत और न्यूनतम स्तर 41 प्रतिशत दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति में कुछ बदलाव होने की संभावना है।
पूर्वानुमान के अनुसार, 24 और 25 अक्टूबर को दिल्ली के आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। हालांकि, इन दिनों बारिश होने की संभावना नहीं जताई गई है। बुधवार को अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
शाम होते ही दिल्ली के 17 इलाकों में AQI 200 के पार
राजधानी में मंगलवार सुबह आठ बजे कई स्थानों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 से अधिक दर्ज किया गया था। सुबह के समय दिल्ली का औसत एक्यूआई 161 था, जो शाम चार बजे बढ़कर 179 हो गया। शाम छह बजे तक 17 स्थानों पर एक्यूआई 200 के पार पहुंच गया।
प्रमुख इलाकों में बवाना का एक्यूआई 264, चांदनी चौक का 223, डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज का 202 और डीटीयू का 230 दर्ज किया गया। द्वारका सेक्टर-8 में एक्यूआई 252, आईआईटी दिल्ली में 207, जहांगीरपुरी में 261 और मुंडका में 236 रहा।
इसके अलावा नजफगढ़ में एक्यूआई 213, नरेला में 212 और एनएसयूटी द्वारका में 241 दर्ज किया गया। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि राजधानी के कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता बिगड़ रही है।
कितना AQI होने पर हवा खराब मानी जाती है?
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मानकों के मुताबिक, वायु गुणवत्ता सूचकांक को छह श्रेणियों में बांटा गया है। शून्य से 50 तक एक्यूआई को अच्छा, 51 से 100 तक संतोषजनक और 101 से 200 तक मध्यम श्रेणी में रखा जाता है।
इसी तरह 201 से 300 तक एक्यूआई खराब, 301 से 400 तक बहुत खराब और 401 से 500 तक गंभीर श्रेणी में माना जाता है। मंगलवार शाम कई इलाकों में एक्यूआई 200 के पार पहुंचने के कारण वहां हवा खराब श्रेणी में दर्ज की गई।
