लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की बैठक में उत्तर प्रदेश में चल रही प्रमुख विकास परियोजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी परियोजना में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भूमि अधिग्रहण, निविदा, विभागीय समन्वय या किसी अन्य स्तर पर लंबित कार्यों को तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही ग्राम पंचायतों में बनाई जा रही डिजिटल लाइब्रेरियों से जुड़े सभी जरूरी कार्य 30 सितंबर तक हर हाल में पूरा करने को कहा।
परियोजनाओं की देरी पर तय होगी जवाबदेही
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल परियोजनाओं की घोषणा या स्वीकृति तक सीमित नहीं है। हर परियोजना समयसीमा के भीतर धरातल पर उतरे और उसका वास्तविक लाभ जनता तक पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए। जिन परियोजनाओं की रफ्तार अपेक्षा के अनुरूप नहीं है, उनकी नियमित समीक्षा कर जिम्मेदारी तय की जाए।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास में बेहतर संपर्क व्यवस्था की अहम भूमिका है। एक्सप्रेसवे को सिर्फ आवागमन का साधन न मानकर उद्योग, निवेश, रोजगार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति देने वाले गलियारे के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।
कई एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की स्थिति की समीक्षा
बैठक में बताया गया कि चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 6 अगस्त को निविदा जारी हो चुकी है और सितंबर में चयन की प्रक्रिया पूरी की जानी है। फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए जरूरी 1,339.04 हेक्टेयर भूमि में से 1,222.25 हेक्टेयर यानी 91.28 प्रतिशत भूमि प्राप्त की जा चुकी है।
आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 80.43 प्रतिशत, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 84.82 प्रतिशत और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 79.27 प्रतिशत भूमि प्राप्त हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने शेष भूमि के अधिग्रहण में तेजी लाने और सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय के अनुसार आगे बढ़ाने को कहा।
मेरठ-हरिद्वार और विंध्य एक्सप्रेसवे पर भी तेजी के निर्देश
मेरठ-हरिद्वार, विंध्य और विंध्य पूर्वांचल स्पर एक्सप्रेसवे की योजना को लेकर बैठक में बताया गया कि सत्यापन पूरा हो चुका है। अब भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी है। मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलों के अधिकारियों को भूमि से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि इन महत्वपूर्ण संपर्क परियोजनाओं में किसी तरह की अनावश्यक देरी न हो।
लॉजिस्टिक्स हब और औद्योगिक परियोजनाओं की भी समीक्षा
ग्रेटर नोएडा के बहु-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने को कहा। उनका कहना था कि ऐसी परियोजनाओं के जरिए उत्तर प्रदेश को देश और दुनिया की आपूर्ति श्रृंखला का मजबूत केंद्र बनाया जा सकता है। उन्नाव के एक्वा बिजनेस प्रोजेक्ट की समीक्षा के दौरान भी जरूरी कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
सीवेज ट्रीटमेंट परियोजना का काम पूरा
कानपुर के बिनगवां में 40 एमएलडी क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से पनकी बिजली संयंत्र को उपचारित जल उपलब्ध कराने वाली परियोजना पूरी हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की परियोजनाओं में संबंधित विभागों के अभियंताओं की क्षमता बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए, जिससे योजना बनाने से लेकर निर्माण और रखरखाव तक हर स्तर पर गुणवत्ता बनी रहे।
अस्पतालों और होटल में अग्नि सुरक्षा पर सख्ती
स्वास्थ्य संस्थानों, अस्पतालों और होटल-गेस्ट हाउस में अग्नि सुरक्षा की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अग्निशमन अनापत्ति प्रमाणपत्र से जुड़ा प्रभावी डिजिटल आंकड़ा तैयार करने और प्रमाणपत्र की वैधता समाप्त होने से पहले ही नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू कराने के निर्देश दिए।
सीवर में जा रहे बिजली और ओएफसी तारों को हटाने के निर्देश
लखनऊ में सीवर लाइन और मैनहोल के भीतर से गुजर रहे विद्युत तथा ओएफसी तारों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि जहां भी ऐसे तार सीवर लाइन या मैनहोल से गुजर रहे हैं, उन्हें निर्धारित मानकों के अनुसार स्थानांतरित किया जाए। साथ ही संबंधित कार्यों के लिए स्थानीय निकाय से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेने को भी कहा।
बिजली चोरी और लाइन लॉस पर जिम्मेदारी तय होगी
विद्युत व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अत्यधिक लाइन लॉस वाले क्षेत्रों में वास्तविक कारणों का पता लगाने और ठोस कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने बिजली चोरी रोकने, बिलिंग और वसूली व्यवस्था को प्रभावी बनाने तथा ज्यादा लाइन लॉस वाले क्षेत्रों में वितरण कंपनियों के जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने को कहा।
30 सितंबर तक तैयार होंगी डिजिटल लाइब्रेरी
ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन्हें ग्रामीण विद्यार्थियों और युवाओं के लिए अध्ययन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और डिजिटल ज्ञान के केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि डिजिटल लाइब्रेरी से जुड़े सभी जरूरी कार्य 30 सितंबर तक हर हाल में पूरे किए जाएं।
12.50 लाख चिन्हित परिवारों के लिए योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश
गरीबी उन्मूलन अभियान की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि चिन्हित सभी परिवारों को आवास की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। जिन पात्र परिवारों का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना में नहीं है, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना से जोड़ा जाए।
उन्होंने पात्र परिवारों को राशन, आयुष्मान कार्ड, शौचालय, आवास और अन्य योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ परिवार के कम से कम एक सदस्य को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने का प्रयास करने को कहा।
बैठक में बताया गया कि 12.50 लाख चिन्हित परिवारों में नौ लाख परिवार आवास के लिए पात्र पाए गए हैं। इनमें 4.50 लाख लोगों का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता सूची में है, जबकि करीब पांच लाख परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिया जाना है। वहीं 6.67 लाख परिवारों के पास आयुष्मान कार्ड नहीं था। भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनाने की कार्रवाई आगे बढ़ाई गई है।
लेबर अड्डों पर श्रमिकों को मिलेंगी जरूरी सुविधाएं
श्रमिकों के लिए संचालित लेबर अड्डों की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने कहा कि मजदूरों को सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण देना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी लेबर अड्डों का सर्वे कराने और वहां पेयजल, शौचालय, स्वच्छता, स्नान, चिकित्सा तथा भोजन जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
श्रमिकों के श्रमिक कार्ड और आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा गया। प्रत्येक नगर निगम क्षेत्र में चिकित्सा मोबाइल इकाई, मोबाइल भोजनालय और जरूरत के अनुसार अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। चंदौली में बने मछली बाजार की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने तैयार परिसंपत्तियों का तत्काल और प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित करने को कहा।
गोरखपुर क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य
गोरखपुर में निर्माणाधीन 30 हजार दर्शक क्षमता वाले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य को तय समय में पूरा करने के साथ गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि इसका निर्माण दिसंबर 2025 में शुरू हुआ था और इसे दिसंबर 2027 तक पूरा किया जाना है।
मेरठ के मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने यहां निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। विभिन्न नीतियों के तहत मिलने वाले वित्तीय प्रोत्साहनों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि निवेशकों को स्वीकृत प्रोत्साहन राशि नीति के अनुरूप समय पर जारी की जाए।
प्रयागराज में निरस्त विरासत आवेदनों की जांच के निर्देश
राजस्व विभाग की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने कहा कि विरासत और पैमाइश से जुड़े मामलों का सीधा संबंध आम नागरिक के अधिकार और संपत्ति से है। इसलिए इनका निस्तारण पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से किया जाना चाहिए।
उन्होंने विशेष रूप से प्रयागराज में निरस्त किए गए विरासत संबंधी आवेदनों की जांच कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि आवेदनों को निरस्त करने की पूरी प्रक्रिया योग्यता और नियमों के आधार पर हुई हो तथा कोई पात्र व्यक्ति अनावश्यक रूप से प्रभावित न हो।
बैठक में बताया गया कि निर्विवाद विरासत के मामलों में प्रयागराज में सबसे अधिक 13,386 आवेदन निरस्त किए गए हैं। पैमाइश से जुड़े मामलों की भी समीक्षा हुई। मुख्यमंत्री ने पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने और पूरी प्रक्रिया को सरल तथा समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने राजस्व अधिकारियों की नियमित समीक्षा के जरिए यह सुनिश्चित करने को कहा कि भूमि से जुड़े विवाद अनावश्यक रूप से लंबित न रहें।
