अयोध्या: राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच अब और तेज हो गई है। एंटी करप्शन कोर्ट ने मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और उसके भतीजे मनीष यादव को 39 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड पर भेज दिया है। अदालत के आदेश के बाद शनिवार सुबह दोनों आरोपियों को जेल से निकालकर पुलिस ने अपनी हिरासत में ले लिया। अब उनसे चोरी की रकम, संभावित साजिश और अन्य आरोपियों की भूमिका को लेकर गहन पूछताछ की जाएगी।
सात दिन की रिमांड मांगी, अदालत ने 39 घंटे की मंजूरी दी
मामले के विवेचक आशुतोष तिवारी ने दोनों आरोपियों से विस्तृत पूछताछ के लिए सात दिन की पुलिस रिमांड की मांग की थी। हालांकि, एंटी करप्शन कोर्ट ने शनिवार सुबह 8 बजे से 19 जुलाई की रात 11 बजे तक, कुल 39 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर की।
चोरी की रकम और साजिश के पहलुओं पर होगी पूछताछ
रिमांड के दौरान पुलिस दोनों आरोपियों से राममंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी, चोरी गई रकम की बरामदगी, पूरे घटनाक्रम की योजना और इसमें शामिल अन्य संभावित लोगों की भूमिका को लेकर विस्तार से पूछताछ करेगी। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां और नए सुराग सामने आ सकते हैं।
साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ेगी जांच
पुलिस का कहना है कि रिमांड अवधि के दौरान जुटाए गए साक्ष्य, पूछताछ में मिले इनपुट और बरामदगी के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच का फोकस यह भी रहेगा कि चोरी की वारदात किसी बड़े षड्यंत्र का हिस्सा थी या इसमें अन्य लोगों की भी संलिप्तता रही।
जांच पर बनी हुई है सभी की नजर
राममंदिर चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद से जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। अब पुलिस को उम्मीद है कि 39 घंटे की कस्टडी के दौरान होने वाली पूछताछ से पूरे मामले की कई अहम कड़ियां सामने आ सकती हैं।
