नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बीच कांग्रेस के एक सांसद ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मुलाकात कर आंदोलन को अपना समर्थन दिया है। महाराष्ट्र से कांग्रेस सांसद प्रशांत पडोले ने बुधवार को धरना स्थल पहुंचकर वांगचुक से मुलाकात की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शन का समर्थन किया। उन्होंने यह भी घोषणा की कि वह 20 जुलाई को संसद तक निकाले जाने वाले मार्च में शामिल होंगे।
प्रशांत पडोले का यह कदम ऐसे समय सामने आया है, जब कांग्रेस पार्टी ने आधिकारिक तौर पर इस प्रदर्शन से दूरी बनाए रखी है। बताया जा रहा है कि सोनम वांगचुक कॉकरोक जनता पार्टी (सीजेपी) के बैनर तले चल रहे आंदोलन में 28 जून से शामिल हैं और पिछले 18 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं।
युवाओं के मुद्दे पर सरकार को घेरा
भंडारा-गोंदिया से लोकसभा सांसद प्रशांत पडोले ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकारी भ्रष्टाचार के कारण देश के युवाओं के सपने पूरे नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले दस वर्षों में कई बार परीक्षा पत्र लीक होने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है।
उन्होंने आंदोलन में शामिल युवाओं की सराहना करते हुए कहा कि छात्रों के अधिकारों के लिए चल रहे इस संघर्ष का वह पूरी निष्ठा से समर्थन करते हैं और जहां भी उनकी आवश्यकता होगी, वहां मौजूद रहेंगे। साथ ही उन्होंने सोनम वांगचुक के अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए उन्हें देश की अमूल्य धरोहर बताया।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई
कांग्रेस सांसद ने नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि मंत्री नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते तो उन्हें पद छोड़ देना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा कि अतीत में कांग्रेस के नेताओं ने छोटी-छोटी बातों पर भी इस्तीफा दिया है।
कॉकरोक जनता पार्टी के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा भी कथित परीक्षा अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग है। संगठन ने 20 जुलाई को संसद तक मार्च निकालने का भी ऐलान किया है।
वांगचुक की सेहत पर हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर दायर जनहित याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट गुरुवार को सुनवाई करेगा। बुधवार को उच्च न्यायालय में संबंधित पक्षों की ओर से कोई प्रतिनिधि उपस्थित नहीं होने के कारण मामले की सुनवाई स्थगित कर दी गई थी।
मुख्य न्यायाधीश डी. के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे अगले दिन सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया। अदालत ने आदेश की प्रति अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल और दिल्ली सरकार के वकील को भी उपलब्ध कराने को कहा।
याचिका में सरकार से हस्तक्षेप की मांग
जनहित याचिका में कहा गया है कि लंबे समय से जारी भूख हड़ताल के कारण सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा है। याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की है कि संबंधित अधिकारियों को वांगचुक से बातचीत करने, उनकी चिकित्सकीय सहायता सुनिश्चित करने और आवश्यक होने पर उन्हें भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए जाएं। याचिका में यह भी कहा गया है कि किसी नागरिक को भूख हड़ताल के कारण जान गंवाने की स्थिति तक पहुंचने देना उचित नहीं होगा।
