मशहद में सुपुर्द-ए-खाक हुए अयातुल्ला अली खामेनेई, अंतिम इच्छा के अनुसार इमाम रजा के रौजे के पास किया गया दफ़न

मशहद (ईरान): ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को गुरुवार को उनके गृह नगर मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। उनका पार्थिव शरीर इराक से विशेष विमान के जरिए ईरान लाया गया। ईरान ने विमान के मशहद पहुंचने का वीडियो भी जारी किया, जिसमें पार्थिव शरीर को लेकर आया विमान हवाई अड्डे पर उतरता दिखाई दिया।

इराक से विशेष विमान के जरिए पहुंचा पार्थिव शरीर

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, खामेनेई का पार्थिव शरीर इराक से विशेष विमान के माध्यम से मशहद लाया गया। विमान के मशहद हवाई अड्डे पर पहुंचने का वीडियो भी सार्वजनिक किया गया। इससे पहले उनके पार्थिव शरीर को इराक के पवित्र शहर नजफ और कर्बला ले जाया गया, जहां धार्मिक परंपराओं के अनुसार अंतिम रस्में पूरी की गईं।

अंतिम इच्छा के अनुसार इमाम रजा के रौजे के पास दफनाए गए

ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, अयातुल्ला अली खामेनेई को उनकी अंतिम इच्छा के अनुरूप मशहद स्थित इमाम रजा के रौजे के निकट सुपुर्द-ए-खाक किया गया। धार्मिक परंपराओं के बीच बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी में अंतिम रस्में संपन्न हुईं।

भारी भीड़ के कारण तय समय से देरी हुई

ईरानी सरकारी टेलीविजन के अनुसार, नजफ और कर्बला में अंतिम यात्रा के दौरान उम्मीद से अधिक भीड़ उमड़ने की वजह से पूरे कार्यक्रम में देरी हुई। भारतीय समयानुसार शाम 4:30 बजे मशहद में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। पहले यह कार्यक्रम सुबह निर्धारित था, लेकिन अंतिम संस्कार और दफन की प्रक्रिया तय समय से करीब आठ घंटे बाद पूरी हो सकी।

हमलों से नहीं, भीड़ के कारण बदला कार्यक्रम

ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अंतिम संस्कार में हुई देरी का हाल के हमलों से कोई संबंध नहीं है। उनका कहना है कि इराक के पवित्र शहरों नजफ और कर्बला में श्रद्धांजलि देने पहुंचे लोगों की भारी भीड़ के कारण कार्यक्रम का समय आगे बढ़ाना पड़ा, जिसके चलते अंतिम चरण की रस्मों में भी बदलाव करना पड़ा।

तेहरान से शुरू हुई थी अंतिम यात्रा

अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा की शुरुआत ईरान की राजधानी तेहरान से हुई थी। इसके बाद कोम शहर में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। फिर उनका पार्थिव शरीर इराक ले जाया गया, जहां नजफ और कर्बला में अंतिम दर्शन और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। इन सभी प्रक्रियाओं के बाद विशेष विमान से पार्थिव शरीर को मशहद लाया गया, जहां उन्हें अंतिम विदाई दी गई।

 

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