यूपी में खत्म होगा 60 साल पुराना शॉप एक्ट, 10 या अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों के लिए रजिस्ट्रेशन होगा अनिवार्य

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में छह दशक से अधिक समय से लागू दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अधिनियम (शॉप एक्ट) को समाप्त करने की तैयारी में है। इसके स्थान पर व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य परिस्थितियां संहिता, 2020 (ओएसएच कोड) लागू किया जाएगा। नए प्रावधान लागू होने के बाद 10 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए श्रम विभाग में पंजीकरण अनिवार्य होगा। इस संबंध में श्रम विभाग ने प्रस्ताव शासन को भेज दिया है, जिस पर अंतिम निर्णय राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद होगा।

लाखों दुकानों और प्रतिष्ठानों पर पड़ेगा असर

नए नियम लागू होने के बाद प्रदेश के लाखों दुकान, कार्यालय, होटल, रेस्तरां और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठान ओएसएच कोड के दायरे में आ जाएंगे। वर्तमान व्यवस्था में संशोधित शॉप एक्ट के तहत 20 से कम कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों को पंजीकरण से छूट दी गई थी, लेकिन नए प्रावधानों के तहत यह सीमा घटाकर 10 कर्मचारी कर दी जाएगी।

शॉप एक्ट और ओएसएच कोड के विरोधाभास को किया जाएगा खत्म

सरकार के इस फैसले की मुख्य वजह मौजूदा शॉप एक्ट और ओएसएच कोड के बीच पंजीकरण संबंधी अलग-अलग प्रावधान हैं। फिलहाल शॉप एक्ट के तहत 20 से कम कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों को छूट प्राप्त है, जबकि ओएसएच कोड 10 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों के लिए पंजीकरण अनिवार्य करता है। इसी विरोधाभास को समाप्त करने के लिए शॉप एक्ट खत्म करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

1962 से लागू था शॉप एक्ट

उत्तर प्रदेश में वर्ष 1962 से लागू शॉप एक्ट के तहत ऐसे सभी दुकान और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों का पंजीकरण आवश्यक था, जहां कर्मचारी कार्यरत होते थे। हालांकि, इसी वर्ष 2 जनवरी को किए गए संशोधन के बाद 1 से 19 कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों को श्रम विभाग में पंजीकरण से छूट दे दी गई थी। अब नई श्रम संहिताओं को लागू करने की प्रक्रिया के तहत राज्य सरकार व्यवस्था में बदलाव करने जा रही है।

दोहरे पंजीकरण से मिलेगी राहत

केंद्र सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि किसी भी व्यापारी को दोहरा पंजीकरण नहीं कराना होगा। इसी को ध्यान में रखते हुए श्रमायुक्त कार्यालय ने शॉप एक्ट समाप्त करने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश में नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।

2025 में लागू हुआ था ओएसएच कोड

ओएसएच कोड को संसद ने वर्ष 2020 में पारित किया था और केंद्र सरकार ने इसे नवंबर 2025 से पूरे देश में लागू किया। इस संहिता के लागू होने के बाद श्रम क्षेत्र के 13 पुराने कानूनों को एकीकृत कर एक कानून में समाहित किया गया। इसके तहत धाराओं की संख्या 620 से घटाकर 143 कर दी गई, जबकि नियम 868 से घटकर 175 रह गए। साथ ही, कई विभागों में अलग-अलग पंजीकरण कराने की बाध्यता समाप्त कर एकल पंजीकरण, एक लाइसेंस, सीमित फॉर्म और एक ही रिटर्न की व्यवस्था लागू की गई।

 

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