लखनऊ: प्रवर्तन निदेशालय ने समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए बुधवार सुबह झांसी और लखनऊ में उनके तथा उनके सहयोगियों के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति, कथित मनी लॉन्ड्रिंग और अन्य मामलों से जुड़ी जांच के तहत की गई।
एक साथ कई ठिकानों पर पहुंचीं ईडी की टीमें
जानकारी के अनुसार, ईडी की आधा दर्जन से अधिक टीमें बुधवार सुबह करीब 6:30 बजे झांसी और लखनऊ में सक्रिय हुईं। झांसी में ओरछा रोड स्थित मून सिटी, पैतृक गांव बुढ़ावली, सीपरी बाजार क्षेत्र, पूर्व विधायक के निजी सहायक अशोक गोस्वामी के आवास और अन्य संबंधित परिसरों पर तलाशी ली गई। वहीं लखनऊ के गोमती नगर सहित अन्य स्थानों पर भी जांच की गई। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए अर्धसैनिक बल और पीएसी की तैनाती की गई।
आय से अधिक संपत्ति के मामले से जुड़ी है जांच
ईडी के अनुसार, यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर दर्ज ईसीआईआर के तहत की जा रही है। एफआईआर में पूर्व विधायक पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगाए गए हैं। एजेंसी इस मामले में कथित मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की भी जांच कर रही है।
पूर्व विधायक से पूछताछ, दस्तावेज और डिजिटल उपकरण कब्जे में
तलाशी के दौरान ईडी ने पूर्व विधायक से पूछताछ भी की। जांच के दौरान चल-अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज, वित्तीय अभिलेख और डिजिटल उपकरण बरामद किए गए, जिन्हें जांच के लिए अपने कब्जे में लिया गया है। एजेंसी इन दस्तावेजों के जरिए वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों की पड़ताल कर रही है।
रियल एस्टेट और कंपनियों के जरिए धन शोधन की आशंका
प्रारंभिक जांच में एजेंसी को आशंका है कि कथित अपराध से अर्जित धन को रियल एस्टेट, निर्माण क्षेत्र और विभिन्न व्यावसायिक कंपनियों तथा एलएलपी के माध्यम से निवेश कर धन शोधन किया गया। इन वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच जारी है।
23 से अधिक एफआईआर और कई गंभीर मामलों की जांच
ईडी के मुताबिक, जांच में पीएमएलए के तहत सूचीबद्ध अपराधों से संबंधित 23 से अधिक एफआईआर शामिल हैं। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता, भारतीय दंड संहिता, उत्तर प्रदेश गैंगस्टर्स अधिनियम और गुंडा अधिनियम के तहत दर्ज लगभग 60 आपराधिक मामलों का भी परीक्षण किया जा रहा है। इनमें धोखाधड़ी, जालसाजी, रंगदारी, हत्या के प्रयास और डकैती जैसे गंभीर आरोप शामिल बताए गए हैं।
सुबह की कार्रवाई से मचा हड़कंप
छापेमारी के दौरान पूर्व विधायक अपने आवास पर मौजूद थे। अधिकारियों के पहुंचने के बाद परिसर में जांच शुरू की गई, जिससे इलाके में हलचल बढ़ गई। ईडी की टीम संबंधित व्यक्तियों और संस्थाओं के आवासीय एवं व्यावसायिक परिसरों से मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच कर रही है।
