लखनऊ अग्निकांड का रोंगटे खड़े कर देने वाला VIDEO! मौत सामने देख बिजली के केबल से लटके छात्र, धुएं में घुटती रहीं सांसें

लखनऊ: अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर और 3डी आर्ट स्टूडियो में हुए भीषण अग्निकांड से जुड़ा एक नया वीडियो सामने आया है, जिसने हादसे की भयावहता को और भी स्पष्ट कर दिया है। वीडियो में आग और धुएं से घिरे छात्र अपनी जान बचाने के लिए बिजली के केबल के सहारे इमारत से नीचे उतरते दिखाई दे रहे हैं। यह दृश्य इतना दर्दनाक है कि देखने वालों की रूह कांप उठे।

सोमवार को पुरनिया इलाके की बहुमंजिला इमारत में आग लगने के बाद कुछ ही मिनटों में पूरा भवन धुएं और लपटों से घिर गया। आग सबसे पहले निचले हिस्से में लगी और तेजी से ऊपरी मंजिलों तक फैल गई। उस समय दूसरी मंजिल पर संचालित प्रशिक्षण केंद्र और स्टूडियो में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे।

जब मौत सामने दिखी, तो केबल बना सहारा

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग लगने के बाद इमारत के भीतर धुआं तेजी से भरने लगा और बाहर निकलने के रास्ते बंद हो गए। ऐसे में कई छात्रों ने हिम्मत दिखाते हुए बिजली के केबल पकड़कर नीचे उतरने की कोशिश की। वायरल वीडियो में कुछ छात्र जोखिम उठाकर इसी तरीके से अपनी जान बचाते नजर आ रहे हैं।

बताया जा रहा है कि जिन छात्रों ने समय रहते बाहर निकलने का रास्ता खोज लिया, उनकी जान बच गई। लेकिन कई लोग धुएं और अफरा-तफरी के बीच सुरक्षित निकास तक नहीं पहुंच सके।

बाथरूम में छिपे बच्चों की घुट गई सांसें

हादसे के दौरान कुछ छात्र घबराकर बाथरूम के अंदर छिप गए थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बंद जगह में जहरीला धुआं भर जाने से कई लोगों का दम घुट गया। माना जा रहा है कि अधिकांश मौतें सीधे आग की लपटों से नहीं, बल्कि धुएं के प्रभाव से हुईं।

राहतकर्मियों को बचाव अभियान के दौरान कई लोग बेहोशी की हालत में मिले, जबकि कुछ को बाहर निकालने तक बहुत देर हो चुकी थी।

पहली मंजिल से कूदे छात्र, गंभीर रूप से घायल

जान बचाने की कोशिश में दो छात्रों ने पहली मंजिल से छलांग भी लगा दी। आग से तो वे बच गए, लेकिन नीचे गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों का इलाज ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है और चिकित्सक लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं।

हेड हॉपर 3डी आर्ट स्टूडियो में हुआ हादसा

जानकारी के मुताबिक, आग उस परिसर में लगी जहां हेड हॉपर 3डी आर्ट स्टूडियो संचालित हो रहा था। इमारत के निचले हिस्से में एक पेट शॉप भी थी। राहत एवं बचाव दल ने समय रहते वहां मौजूद पालतू जानवरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी तक आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है। प्रारंभिक स्तर पर विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

वायरल वीडियो सामने आने के बाद भवन की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वीडियो में साफ दिखाई देता है कि आग लगने के बाद छात्रों के पास सुरक्षित निकासी के पर्याप्त विकल्प नहीं थे। यही वजह रही कि उन्हें अपनी जान बचाने के लिए जानलेवा जोखिम उठाना पड़ा।

जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगा रही हैं कि इमारत में अग्निशमन मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं और आपातकालीन निकास की व्यवस्था कितनी प्रभावी थी।

15 लोगों की मौत, जांच तेज

प्रशासन के अनुसार, हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। आग लगने के बाद दमकल विभाग, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चलाया। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया और फंसे लोगों को बाहर निकाला गया।

फिलहाल पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासन पूरे मामले की गहन जांच में जुटे हैं। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों के साथ-साथ संभावित लापरवाही की भी जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 

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