लखनऊ: अलीगंज स्थित तीन मंजिला इमारत में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को शोक में डुबो दिया है। हादसे में 15 लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने के बाद राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी गहरा दुख व्यक्त किया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस त्रासदी पर संवेदना जताते हुए निष्पक्ष और ईमानदार जांच की मांग की है। वहीं बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने भी घटना को बेहद दुखद बताते हुए ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।
अखिलेश बोले- प्रभावित बच्चे किसी भी परिवार के हो सकते थे
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की और शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके दुख में वह सहभागी हैं।
अखिलेश यादव ने सरकार से घायलों के लिए बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत पीड़ादायक घटना है और इसके पीछे के कारणों की पूरी ईमानदारी से जांच होनी चाहिए।
सपा प्रमुख ने कहा, “ये बच्चे किसी भी घर के हो सकते थे। इसलिए जरूरी है कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए गंभीरता से कदम उठाए जाएं।” उन्होंने उम्मीद जताई कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर ऐसी व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी, जिससे इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
मायावती ने कहा- केवल आरोप-प्रत्यारोप से नहीं निकलेगा समाधान
बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी इस दर्दनाक घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लखनऊ में हुए अग्निकांड में कई लोगों की मौत और अनेक लोगों के घायल होने की घटना बेहद हृदयविदारक है।
मायावती ने कहा कि ऐसी जानलेवा घटनाएं कई परिवारों की उम्मीदों को एक झटके में बिखेर देती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि भविष्य में इस तरह की त्रासदियों को रोकने के लिए सभी संबंधित पक्षों को मिलकर काम करना होगा। केवल आरोप-प्रत्यारोप लगाने से समस्या का समाधान नहीं होगा।
15 लोगों की मौत से दहला लखनऊ
अलीगंज क्षेत्र में सोमवार को हुई इस भयावह घटना में 15 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में तीन महिलाएं और 12 पुरुष शामिल बताए जा रहे हैं। अधिकांश मृतक छात्र थे, जो हादसे के समय इमारत के भीतर मौजूद थे।
जानकारी के अनुसार, भवन की दूसरी मंजिल पर संचालित ‘लर्निंग स्पेस’ लाइब्रेरी और ‘हेड हॉपर स्टूडियो’ में बड़ी संख्या में छात्र मौजूद थे। आग फैलने के बाद कई छात्र अंदर ही फंस गए। जान बचाने के लिए कुछ ने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया, जबकि एक छात्र पहली मंजिल से कूद गया और गंभीर रूप से घायल हो गया।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच जारी
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, हालांकि वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। इमारत के बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और पहली मंजिल पर पालतू पशुओं से जुड़ी दुकान और क्लीनिक संचालित थे, जबकि दूसरी मंजिल पर 3डी आर्ट प्रोडक्शन, गेम एसेट आउटसोर्सिंग स्टूडियो और कोचिंग गतिविधियां चल रही थीं।
हादसे की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की करीब 10 गाड़ियां, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। बचाव दल ने इमारत की पिछली दीवार तोड़कर अंदर फंसे लोगों तक पहुंच बनाई और कई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
प्रशासन ने शुरू की विस्तृत जांच
हादसे के बाद प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। इमारत में सुरक्षा मानकों, अग्निशमन व्यवस्था और संचालन संबंधी सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
