नई दिल्ली: देश के करोड़ों किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त का इंतजार कर रहे लाभार्थियों के लिए सरकार ने तारीख स्पष्ट कर दी है। अब योजना की 23वीं किस्त 20 जून 2026 को किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। पात्र किसानों को 2,000 रुपये की राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की जाएगी।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के आधिकारिक सोशल मीडिया मंच पर साझा की गई जानकारी के मुताबिक, 20 जून को करोड़ों किसानों के खातों में अगली किस्त जारी की जाएगी। इससे लंबे समय से भुगतान का इंतजार कर रहे लाभार्थियों को बड़ी राहत मिलने वाली है।
क्या है प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत 24 फरवरी 2019 को की गई थी। इस योजना का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। इसके तहत पात्र किसानों को हर वर्ष 6,000 रुपये की वित्तीय मदद दी जाती है। यह राशि 2,000-2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है।
योजना के तहत अब तक 22 किस्तें जारी की जा चुकी हैं और अब 23वीं किस्त किसानों के खातों में पहुंचने जा रही है।
इन कारणों से रुक सकती है आपकी किस्त
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन किसानों ने जरूरी औपचारिकताएं पूरी नहीं की हैं, उनकी किस्त अटक सकती है। कई मामलों में दस्तावेजों या रिकॉर्ड से जुड़ी त्रुटियां भुगतान में बाधा बन सकती हैं।
मुख्य कारणों में ई-केवाईसी का पूरा न होना, किसान पहचान पत्र का अभाव, आधार और बैंक खाते की जानकारी का मेल न खाना, बैंक खाता संख्या या आईएफएससी कोड में गलती तथा भूमि रिकॉर्ड सत्यापन का अधूरा होना शामिल है।
ऐसे लाभार्थियों को जल्द से जल्द अपनी जानकारी अपडेट कराने की सलाह दी गई है, ताकि भुगतान में किसी तरह की परेशानी न हो।
घर बैठे ऐसे करें किस्त का स्टेटस चेक
किसान अपनी पात्रता और भुगतान की स्थिति ऑनलाइन भी जांच सकते हैं। इसके लिए योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ‘फार्मर्स कॉर्नर’ सेक्शन में जाना होगा। वहां ‘नो योर स्टेटस’ विकल्प पर क्लिक करने के बाद रजिस्ट्रेशन नंबर और कैप्चा दर्ज करना होगा। इसके बाद स्क्रीन पर किस्त और पात्रता से जुड़ी पूरी जानकारी दिखाई दे जाएगी।
यहीं पर किसान ई-केवाईसी, आधार-बैंक लिंकिंग और भूमि सत्यापन की स्थिति भी जांच सकते हैं।
रुकी हुई पुरानी किस्त मिलने की भी संभावना
यदि किसी किसान की पिछली किस्त तकनीकी त्रुटि या दस्तावेजों की कमी के कारण रुक गई थी और उसने अब सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं, तो उसे भविष्य में योजना का लाभ दोबारा मिल सकता है। कई मामलों में सत्यापन पूरा होने के बाद लंबित किस्तों का भुगतान भी जारी किया जाता है।
