कोलंबो: भारत-ए टीम के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का प्रभाव अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। श्रीलंका-ए टीम ने आगामी त्रिकोणीय सीरीज से पहले वैभव को भारत की सबसे बड़ी ताकतों में से एक बताया है। विरोधी टीम का मानना है कि हाल के महीनों में शानदार फॉर्म में रहे वैभव मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं और विपक्षी गेंदबाजों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकते हैं।
श्रीलंका-ए टीम के एक खिलाड़ी ने कहा कि वैभव ने पिछले कुछ महीनों में, खासकर आईपीएल में, बेहतरीन प्रदर्शन किया है। हालांकि श्रीलंका की परिस्थितियां आईपीएल से काफी अलग हैं, जहां धीमी पिचें और नमी भरा मौसम बल्लेबाजों के लिए अतिरिक्त चुनौती पेश कर सकते हैं।
‘परिस्थितियां अलग हैं, लेकिन वैभव फिर भी खतरनाक’
श्रीलंकाई खिलाड़ी ने माना कि मौजूदा हालात में विकेट धीमे हैं और मैदान में भी नमी मौजूद है, जिससे बल्लेबाजी आसान नहीं होगी। इसके बावजूद उन्होंने वैभव को विपक्ष के लिए बड़ा खतरा बताया।
उन्होंने कहा कि टीम ने वैभव के खिलाफ विशेष रणनीति तैयार की है और उनके खेल का विस्तार से अध्ययन किया गया है। लक्ष्य यही रहेगा कि उनकी बल्लेबाजी को नियंत्रित किया जाए और मैदान पर योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
निर्णय लेने की क्षमता है सबसे बड़ी ताकत
वैभव सूर्यवंशी की सबसे बड़ी विशेषता पर बात करते हुए श्रीलंका-ए खिलाड़ी ने कहा कि उनकी निर्णय लेने की क्षमता उन्हें बाकी बल्लेबाजों से अलग बनाती है।
उनके अनुसार, वैभव गेंद को आखिरी समय तक देखते हैं और उसी के अनुसार शॉट का चयन करते हैं। वह पहले से तय शॉट खेलने के बजाय परिस्थितियों के अनुसार प्रतिक्रिया देते हैं, जिससे उन्हें रोकना और भी मुश्किल हो जाता है।
वीडियो विश्लेषण के जरिए बनाई गई रणनीति
श्रीलंका-ए टीम ने स्वीकार किया कि वैभव के खिलाफ विशेष तैयारी की गई है। टीम प्रबंधन और खिलाड़ियों ने बैठकों के दौरान उनके खेल का वीडियो विश्लेषण किया है और उनकी बल्लेबाजी शैली को समझने का प्रयास किया है।
टीम का मानना है कि रणनीति तैयार करना एक बात है, लेकिन उसे मैदान पर सफलतापूर्वक लागू करना सबसे बड़ी चुनौती होगी।
त्रिकोणीय सीरीज में कड़ा मुकाबला तय
सीरीज के बारे में बात करते हुए श्रीलंका-ए टीम ने कहा कि किसी एक टीम को स्पष्ट दावेदार नहीं माना जा सकता। मेजबान टीम को घरेलू परिस्थितियों का फायदा मिल सकता है, जबकि भारत-ए के पास मजबूत और संतुलित टीम है।
अफगानिस्तान-ए को भी हल्के में नहीं लिया जा सकता, क्योंकि उसके पास प्रभावी स्पिनर और मैच जिताने वाले बल्लेबाज मौजूद हैं। ऐसे में त्रिकोणीय सीरीज में कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है और जीत उसी टीम की होगी जो दबाव के क्षणों में बेहतर प्रदर्शन करेगी।
