नई दिल्ली: भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को एक और बड़ी सफलता मिली है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारतीय वायुसेना ने मंगलवार को हवा से जमीन पर मार करने वाली अत्याधुनिक रुद्रम-II मिसाइल का सफल उड़ान परीक्षण किया। यह परीक्षण एयरबोर्न प्लेटफॉर्म से किया गया, जिसमें मिसाइल ने निर्धारित लक्ष्य को सटीकता के साथ भेदकर अपनी क्षमता साबित की।
रक्षा क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, परीक्षण अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में किया गया था। इसके लिए ऐसी उड़ान प्रोफाइल और लक्ष्य परिस्थितियां तय की गई थीं, जिनसे मिसाइल के सभी महत्वपूर्ण उप-प्रणालियों और तकनीकी क्षमताओं का व्यापक मूल्यांकन किया जा सके।
निर्धारित लक्ष्य पर सटीक वार, सभी उद्देश्य हुए पूरे
परीक्षण के दौरान मिसाइल को लॉन्च करने के बाद उसे पूर्व निर्धारित लक्ष्य तक सफलतापूर्वक पहुंचाया गया। उड़ान के दौरान प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण करने पर यह स्पष्ट हुआ कि परीक्षण से जुड़े सभी प्रमुख उद्देश्य सफलतापूर्वक हासिल कर लिए गए हैं।
चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज में स्थापित विभिन्न ट्रैकिंग और निगरानी प्रणालियों ने पूरे मिशन की निगरानी की। परीक्षण के बाद एकत्र किए गए उड़ान आंकड़ों ने मिसाइल के प्रदर्शन को निर्धारित मानकों के अनुरूप साबित किया।
पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित है रुद्रम-II
रुद्रम-II मिसाइल का विकास डीआरडीओ की प्रमुख प्रयोगशाला रिसर्च सेंटर इमारत, हैदराबाद ने किया है। इस परियोजना में रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला, उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला, आयुध अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान तथा इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज समेत कई संस्थानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इसके अलावा विकास-सह-उत्पादन साझेदारों, सार्वजनिक क्षेत्र के रक्षा उपक्रमों और विभिन्न औद्योगिक इकाइयों ने भी इस परियोजना को सफल बनाने में योगदान दिया है।
दुश्मन के कई तरह के ठिकानों को निशाना बनाने में सक्षम
रुद्रम-II एक स्वदेशी ठोस प्रणोदक आधारित वायु-प्रक्षेपित मिसाइल प्रणाली है, जिसे दुश्मन के विभिन्न प्रकार के सामरिक लक्ष्यों को नष्ट करने के लिए विकसित किया गया है। इसमें कई आधुनिक स्वदेशी तकनीकों को शामिल किया गया है, जिससे इसकी मारक क्षमता और सटीकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह मिसाइल भारतीय वायुसेना की आक्रामक क्षमता को और मजबूत करेगी तथा आधुनिक युद्धक्षेत्र में लंबी दूरी से सटीक हमले करने की क्षमता प्रदान करेगी।
रक्षा मंत्री ने दी बधाई
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रुद्रम-II मिसाइल के सफल परीक्षण पर डीआरडीओ, भारतीय वायुसेना और इससे जुड़े सभी वैज्ञानिकों, इंजीनियरों तथा उद्योग जगत को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक की बढ़ती परिपक्वता और आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से बढ़ते कदमों का प्रमाण है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि उन्नत हथियार प्रणालियों के विकास में देश की बढ़ती क्षमता न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करेगी, बल्कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी नई गति देगी।
स्वदेशी रक्षा तकनीक को मिली नई मजबूती
रुद्रम-II का सफल परीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब भारत रक्षा उत्पादन और अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों के स्वदेशी विकास पर विशेष जोर दे रहा है। इस सफलता को भारतीय रक्षा अनुसंधान क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, जो भविष्य में और अधिक उन्नत सैन्य प्रणालियों के विकास का मार्ग प्रशस्त कर सकती है।
