बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद के चर्चित सूर्या प्रताप चौहान हत्याकांड का जिक्र करते हुए कानून-व्यवस्था को लेकर कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि दोस्ती और भरोसे का गलत इस्तेमाल कर अपराध करने वालों के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और कानून का पालन करने वाले नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
‘अपराधियों को कानून के दायरे में लाना जरूरी’
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में शांति, सुरक्षा और सौहार्द बनाए रखने के लिए कानून का सम्मान आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग विश्वास और मित्रता का दुरुपयोग कर अपराधों को अंजाम देते हैं, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे लोगों को कानून के दायरे में लाकर कड़ा सबक सिखाना समय की जरूरत है। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार हमेशा उन लोगों के साथ खड़ी है जो कानून का सम्मान करते हैं और शांतिपूर्ण जीवन जीना चाहते हैं।
अहिंसा समाज की पहचान, लेकिन सुरक्षा से समझौता नहीं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अहिंसा, मानवता और सामाजिक सद्भाव किसी भी सभ्य समाज के मूल आधार होते हैं। हालांकि जब समाज और व्यवस्था को चुनौती देने वाली शक्तियां सक्रिय होती हैं, तब उनके खिलाफ सख्त कदम उठाना भी आवश्यक हो जाता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को कानून और व्यवस्था का सम्मान करना चाहिए तथा किसी को भी खुद को नियमों से ऊपर समझने की भूल नहीं करनी चाहिए। प्रदेश सरकार कानून का राज स्थापित करने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
क्या है सूर्या प्रताप चौहान हत्याकांड?
गाजियाबाद में 28 मई की शाम 17 वर्षीय सूर्या प्रताप चौहान पर धारदार हथियार से हमला किया गया था, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। पुलिस जांच में शुरुआती तौर पर पुरानी रंजिश को घटना की वजह माना जा रहा है। आरोप है कि सूर्या को उसके कुछ पुराने परिचितों ने फोन कर एक स्थान पर बुलाया था। वहां पहुंचने के बाद कई युवकों ने उसे घेर लिया और उस पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल सूर्या को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
जांच के घेरे में कई नाम, मुख्य आरोपी पर हुई कार्रवाई
मामले में असद, नवाब, फरहान, आतिफ और सारिक समेत कई लोगों के नाम सामने आए हैं। पुलिस सभी आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, मुख्य आरोपी असद पुलिस कार्रवाई के दौरान मारा जा चुका है। वहीं अन्य आरोपियों के संबंध में जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
