UP Road Construction: यूपी में सड़क निर्माण का बदलेगा मॉडल, अब सीमेंट से तैयार होंगी ग्रामीण सड़कें, PWD ने जारी किए नए निर्देश

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सड़क निर्माण कार्यों पर पड़ रही बिटूमिन की कमी के बीच योगी सरकार ने बड़ा और अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) ने प्रदेशभर में सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी है। अब कई इलाकों में सड़कें बिटूमिन की जगह सीमेंट कंक्रीट तकनीक से तैयार की जाएंगी।

पीडब्ल्यूडी की ओर से जारी निर्देशों में साफ कहा गया है कि जिन ग्रामीण सड़कों की लंबाई दो किलोमीटर से कम होगी और जहां प्रतिदिन 50 से कम व्यावसायिक वाहन गुजरते हैं, वहां सीसी सड़कें बनाई जाएंगी। विभाग ने इन सड़कों के निर्माण में ग्रेन्युलर सब-बेस, वाटर बाउंड मैकडम और एम-30 ग्रेड सीमेंट कंक्रीट के इस्तेमाल की सिफारिश की है।

नई तकनीक से होगा सड़क निर्माण

लोक निर्माण विभाग ने सड़क निर्माण में सीमेंट ट्रीटेड बेस (CTB) और सीमेंट ट्रीटेड सब बेस (CTSB) तकनीक अपनाने के निर्देश भी जारी किए हैं। विभाग का कहना है कि सड़क निर्माण कार्य स्थानीय मिट्टी की गुणवत्ता और यातायात के दबाव को ध्यान में रखकर किया जाएगा, ताकि सड़कें ज्यादा टिकाऊ और मजबूत बन सकें।

ब्लैक कॉटन मिट्टी वाले इलाकों पर विशेष फोकस

PWD ने उन क्षेत्रों के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं जहां ब्लैक कॉटन मिट्टी पाई जाती है। ऐसे इलाकों में विशेष स्टेबलाइजेशन तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे सड़कें लंबे समय तक सुरक्षित और टिकाऊ बनी रहें। विभाग ने अभियंताओं और अधिकारियों को तकनीकी मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।

ग्रामीण कनेक्टिविटी मजबूत करने पर सरकार का जोर

सरकार का मानना है कि बिटूमिन की कमी के बावजूद इन वैकल्पिक उपायों से सड़क निर्माण परियोजनाओं की रफ्तार प्रभावित नहीं होगी। साथ ही ग्रामीण इलाकों में बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा सकेगी। विभाग ने सभी मुख्य अभियंताओं और अधीक्षण अभियंताओं को आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।

 

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