MIT प्रोफेसर की हत्या, जनरल गायब… US में कोई ‘साइलेंट वॉर’ चल रहा है?

Jyoti Atmaram Ghag
Jyoti Atmaram Ghag

एक के बाद एक… वैज्ञानिक मर रहे हैं या गायब हो रहे हैं। कोई हादसा नहीं… कोई साफ वजह नहीं। और अब सवाल उठ रहा है—क्या अमेरिका के भीतर कोई ‘खामोश जंग’ चल रही है?

MIT प्रोफेसर की हत्या—पहला बड़ा झटका

Massachusetts Institute of Technology से जुड़े न्यूक्लियर फिजिसिस्ट नूनो एफ.जी. लोरेरो को दिसंबर 2025 में उनके घर के बाहर गोली मार दी गई। वे प्लाज्मा साइंस एंड फ्यूजन सेंटर के डायरेक्टर थे—यानी एक बेहद संवेदनशील रिसर्च से जुड़े वैज्ञानिक। पुलिस ने इसे हत्या मानकर जांच शुरू की, लेकिन अब तक कोई ठोस कारण सामने नहीं आया है। जब देश के टॉप वैज्ञानिक भी सुरक्षित नहीं…तो खतरा कितना बड़ा है?

एयर फोर्स जनरल गायब—बिना कोई सुराग

फरवरी 2026 में विलियम नील मैककैसलैंड, जो पेंटागन के एडवांस्ड एयरोस्पेस प्रोग्राम्स से जुड़े रहे थे, अचानक लापता हो गए। वे अपना फोन, चश्मा और निजी सामान घर पर छोड़कर गायब हुए— जैसे कोई अचानक हवा में विलीन हो गया हो। Federal Bureau of Investigation अब उनकी तलाश में जुटी है।

NASA से जुड़ी इंजीनियर भी लापता

जून 2025 में मोनिका रेजा, जो Jet Propulsion Laboratory से जुड़ी रही थीं, ट्रेकिंग के दौरान रहस्यमयी तरीके से गायब हो गईं। अब तक उनका कोई पता नहीं चला है। तीनों घटनाएं अलग-अलग जगहों पर हुईं…लेकिन एक चीज कॉमन है सभी हाई-लेवल साइंस और डिफेंस रिसर्च से जुड़े थे। संयोग इतने बार नहीं होते…कहीं न कहीं कोई कड़ी जरूर होती है।

CNN रिपोर्ट—कम से कम 10 केस, बढ़ी चिंता

CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में कम से कम 10 वैज्ञानिक या तो मारे गए हैं या लापता हुए हैं। इन सभी का संबंध न्यूक्लियर, स्पेस या डिफेंस रिसर्च से रहा है— यानी वही क्षेत्र जो किसी भी देश की सुरक्षा की रीढ़ होते हैं।

FBI और फेडरल एजेंसियां अलर्ट पर

इन घटनाओं की जांच अब फेडरल स्तर पर की जा रही है। Federal Bureau of Investigation, NASA, United States Department of Defense और United States Department of Energy मिलकर संभावित कड़ी तलाश रहे हैं।

हाउस कमिटी की एंट्री—साजिश की आशंका तेज

रिपब्लिकन नेतृत्व वाली हाउस ओवरसाइट कमिटी ने भी जांच शुरू कर दी है। कमिटी चेयर जेम्स कोमर ने कहा, “यह सिर्फ संयोग नहीं हो सकता, इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरे के रूप में देखना चाहिए।”

व्हाइट हाउस और ट्रंप का बयान

White House और डोनाल्ड ट्रंप ने भी इन घटनाओं को गंभीर बताया है। हालांकि NASA का कहना है कि फिलहाल किसी बड़े खतरे के ठोस संकेत नहीं मिले हैं।

साजिश या संयोग—अब भी रहस्य कायम

कुछ परिवारों का कहना है कि संबंधित लोगों को पहले से स्वास्थ्य समस्याएं थीं। लेकिन कई मामलों में कोई स्पष्ट कारण या लिंक सामने नहीं आया है यही बात इस पूरे मामले को और ज्यादा रहस्यमयी बना रही है। जब जवाब नहीं मिलते…तब सवाल और खतरनाक हो जाते हैं।

अमेरिका में वैज्ञानिकों की ये रहस्यमयी मौतें और गुमशुदगियां सिर्फ खबर नहीं… बल्कि एक बड़ा अलार्म हैं। क्या यह सिर्फ हादसों की श्रृंखला है? या फिर कोई छिपी हुई साजिश? सच्चाई अभी सामने नहीं आई है लेकिन एक बात तय है… जहां विज्ञान खतरे में हो…वहां सिर्फ इंसान नहीं, भविष्य भी असुरक्षित हो जाता है।

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