
असम की सियासत अब सीधी लड़ाई नहीं रही… अब ये ‘त्रिकोणीय जंग’ बन चुकी है! जहां एक तरफ सत्ता बचाने की जिद में BJP है, तो दूसरी तरफ वापसी के लिए बेताब कांग्रेस… और अब अचानक ‘दीदी’ की एंट्री ने पूरा खेल ही उलट दिया है।
चुनाव से ठीक पहले 17 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी करके TMC ने ऐसा राजनीतिक ‘साइलेंट बम’ फोड़ा है, जिसकी गूंज हर विधानसभा सीट तक सुनाई दे रही है।
असम में TMC की एंट्री: सियासत में नया ट्विस्ट
अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए अपनी पहली लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में 17 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं, जो साफ संकेत देते हैं कि पार्टी सिर्फ ‘प्रेजेंस’ नहीं, बल्कि ‘प्रभाव’ छोड़ने आई है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि TMC का ये कदम सीधा-सीधा कांग्रेस के वोट बैंक में सेंध लगाने की रणनीति है। यानी लड़ाई अब BJP vs Congress नहीं, बल्कि BJP vs Congress vs TMC बन चुकी है।
BJP-कांग्रेस के बीच ‘तीसरा खिलाड़ी’
अब तक असम की राजनीति दो ध्रुवों में बंटी हुई थी। लेकिन TMC के मैदान में उतरते ही समीकरण बदल गए हैं। BJP जहां अपनी सत्ता बचाने में जुटी है, वहीं कांग्रेस अपनी खोई जमीन तलाश रही है। ऐसे में TMC का एंट्री लेना कांग्रेस के लिए ‘दोहरी चुनौती’ बन सकता है।
कांग्रेस के एक सीनियर नेता का ऑफ द रिकॉर्ड कहना है “हम BJP से लड़ रहे थे, अब हमें अपने ही वोट बचाने पड़ेंगे।”
चुनाव का गणित: 126 सीटों की जंग
असम विधानसभा की 126 सीटों पर 9 अप्रैल 2026 को वोटिंग होगी, जबकि नतीजे 4 मई को आएंगे। 2021 में NDA ने 75 सीटें जीतकर सत्ता बनाई थी, और अब एक बार फिर सत्ता में वापसी की तैयारी में है। लेकिन इस बार समीकरण पहले जैसे आसान नहीं हैं कांग्रेस की कई लिस्ट आ चुकी हैं। BJP ने अपनी रणनीति सीमित रखी है। और अब TMC ने अचानक एंट्री लेकर ‘गेम ओपन’ कर दिया है।

दलबदल और सियासी झटके
चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका भी लग चुका है। मौजूदा सांसद प्रद्युत बोरदोलोई का BJP में जाना साफ संकेत है कि पार्टी अंदर से कमजोर हो रही है। ऐसे में TMC का आना कांग्रेस के लिए ‘डबल ट्रबल’ बन सकता है।
जमीनी सच्चाई: वोटर क्या सोच रहा?
ग्राउंड पर बात करें तो असम का वोटर अब सिर्फ वादों से नहीं, बल्कि ‘स्थिरता और विकास’ के नाम पर वोट करना चाहता है। लेकिन TMC का ये नया दांव वोटरों को कन्फ्यूज जरूर कर सकता है— क्योंकि विकल्प जितने बढ़ते हैं, फैसला उतना मुश्किल होता है।
असम की राजनीति अब IPL बन चुकी है हर पार्टी ‘ऑलराउंडर’ बनने की कोशिश में है, लेकिन जनता अभी भी ‘फाइनल विनर’ तय करने के मूड में नहीं दिख रही।
TMC की एंट्री ने चुनाव को दिलचस्प बना दिया है, लेकिन असली सवाल अभी भी वही है क्या BJP अपना किला बचा पाएगी? क्या कांग्रेस वापसी कर पाएगी? या फिर TMC ‘किंगमेकर’ बनकर उभरेगी? असम की जनता इस बार सिर्फ वोट नहीं, बल्कि पूरा ‘पॉलिटिकल गेम’ बदलने की ताकत रखती है।
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