
नोएडा की सुबह आमतौर पर ऑफिस जाने वाली भीड़ और फैक्ट्रियों की मशीनों की आवाज से शुरू होती है. लेकिन आज सेक्टर-4 में सुबह का सन्नाटा अचानक काले धुएं के विशाल गुबार में बदल गया.
एक बिजली मीटर बनाने वाली फैक्ट्री में लगी आग ने कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत को अपनी गिरफ्त में ले लिया. लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास के लोगों को पहले लगा जैसे किसी इंडस्ट्रियल फिल्म का सीन शूट हो रहा हो. लेकिन जल्दी ही सबको समझ आ गया कि यह कोई शूटिंग नहीं, बल्कि हकीकत का खौफनाक दृश्य है.
सेक्टर-4 की फैक्ट्री में भड़की भीषण आग
घटना नोएडा के सेक्टर-4 स्थित Capital Power System Limited की फैक्ट्री में हुई. बताया जा रहा है कि सुबह करीब 5:30 बजे अचानक फैक्ट्री में आग लग गई. तीन मंजिला इमारत में बिजली के मीटर बनाने का काम होता है.
आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग धुएं और लपटों में घिर गई.
नाइट शिफ्ट के कर्मचारी फंस गए
चश्मदीद बसंत झा के मुताबिक हादसे के वक्त फैक्ट्री में नाइट शिफ्ट के कर्मचारी मौजूद थे. जैसे ही आग भड़की, अंदर अफरा-तफरी मच गई. कई कर्मचारी अपनी जान बचाने के लिए बाहर भागे, लेकिन कुछ लोग धुएं और आग के बीच फंस गए.
इस हादसे में करीब एक दर्जन कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां इलाज जारी है.
कई किलोमीटर दूर से दिखा धुएं का गुबार
आग इतनी भीषण थी कि उसका धुआं कई किलोमीटर दूर से साफ दिखाई दे रहा था. सुबह-सुबह जब लोग घरों से बाहर निकले तो आसमान में उठता काला धुआं देखकर इलाके में दहशत फैल गई. कुछ ही देर में आसपास की सड़कों पर लोगों की भीड़ जमा हो गई.

25 दमकल गाड़ियां आग बुझाने में जुटीं
सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग मौके पर पहुंच गया. Rajeev Narayan Mishra, जॉइंट सीपी के मुताबिक आग की गंभीरता को देखते हुए 25 से ज्यादा दमकल गाड़ियों को मौके पर लगाया गया है. दमकल कर्मी लगातार आग पर काबू पाने और अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं. यह ऑपरेशन बेहद जोखिम भरा है क्योंकि फैक्ट्री में इलेक्ट्रिकल उपकरण और ज्वलनशील सामग्री भी मौजूद है.
आग कैसे लगी? जांच शुरू
फिलहाल आग लगने की असली वजह साफ नहीं हो पाई है. प्रारंभिक आशंका शॉर्ट सर्किट की बताई जा रही है, लेकिन पुलिस और फायर विभाग इसकी विस्तृत जांच कर रहे हैं. जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा तकनीकी लापरवाही का नतीजा था या किसी और कारण से आग भड़की.
इंडस्ट्रियल सेफ्टी पर फिर उठे सवाल
हर बार जब किसी फैक्ट्री में आग लगती है, तो वही सवाल फिर सामने आ जाता है. क्या इंडस्ट्रियल इलाकों में फायर सेफ्टी नियम सिर्फ कागजों में ही मौजूद हैं?
मशीनों की रफ्तार बढ़ाने की होड़ में कई बार सुरक्षा इंतजाम पीछे छूट जाते हैं. और जब हादसा होता है, तो सबसे बड़ी कीमत मजदूरों और कर्मचारियों को चुकानी पड़ती है.
फिलहाल प्राथमिकता: जान बचाना
प्रशासन का कहना है कि इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता आग को पूरी तरह काबू में लाना और घायलों को बेहतर इलाज दिलाना है. दमकल टीम लगातार काम कर रही है. उम्मीद है कि जल्द ही आग पर पूरी तरह काबू पा लिया जाएगा.
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