
उत्तर प्रदेश में एक हमले की खबर ने अचानक सियासत और धर्म दोनों हलकों में हलचल पैदा कर दी है। चलती ट्रेन में हुए हमले के बाद मामला और गर्म तब हो गया जब सोशल मीडिया पर एक महिला ने खुद इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा कर दिया। फेसबुक पोस्ट में खुली चुनौती, धर्म की दलील और गिरफ्तारी की बात… इन सबने इस केस को सीधे सुर्खियों के केंद्र में ला खड़ा किया है।
चलती ट्रेन में हमला, मामला बना सनसनी
जानकारी के मुताबिक Ashutosh Brahmachari पर रविवार को चलती ट्रेन में हमला किया गया। यह वही आशुतोष हैं जिन्होंने हाल ही में Swami Avimukteshwaranand के खिलाफ कानूनी शिकायत दर्ज कराई थी।
हमले के बाद मामला पहले से ही संवेदनशील था, लेकिन सोशल मीडिया पर आए दावे ने इसे और ज्यादा चर्चा में ला दिया।
सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ा विवाद
खुद को साध्वी बताने वाली Swati Aghori ने फेसबुक पोस्ट में इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया। पोस्ट में उन्होंने पुलिस को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर उन्हें गिरफ्तार करना है तो वह इसके लिए तैयार हैं। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर यह मामला तेजी से वायरल हो गया और पुलिस ने भी पोस्ट को जांच के दायरे में ले लिया।
कौन हैं स्वाति अघोरी
सोशल मीडिया प्रोफाइल के अनुसार Swati Aghori उत्तराखंड के गंगोत्री क्षेत्र से जुड़ी बताई जाती हैं। वह खुद को अघोरी परंपरा की साधक और सनातन धर्म की वक्ता बताती हैं।
फेसबुक पर उनके हजारों फॉलोअर्स हैं और वह अक्सर धार्मिक विषयों पर पोस्ट करती रहती हैं।
उनके प्रोफाइल में यह भी दावा किया गया है कि वह “काल भैरव युवा वाहिनी” नामक संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।

वायरल पोस्ट में चुनौती और बयान
हमले के बाद की गई पोस्ट में उन्होंने आशुतोष ब्रह्मचारी को “भगोड़ा” बताते हुए संकेत दिया कि हमला उनके समर्थकों ने किया है। जब यह पोस्ट वायरल हुई तो उन्होंने एक और पोस्ट साझा कर कहा कि पुलिस कभी भी उन्हें गिरफ्तार करने आ सकती है। उन्होंने लिखा कि धर्म के लिए गिरफ्तारी क्या, वह हर सजा के लिए तैयार हैं।
पुलिस की जांच में सोशल मीडिया भी शामिल
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पोस्ट्स की बारीकी से जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि घटना के समय संबंधित लोग कहां थे।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हमला किसी संगठित साजिश का हिस्सा था या फिर सोशल मीडिया पर किया गया दावा महज प्रचार पाने की कोशिश है।
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