
दिल्ली में नशे का कारोबार अब किसी अंडरग्राउंड फिल्मी कहानी जैसा होता जा रहा है सप्लाई चेन, डीलर, नेटवर्क और करोड़ों का खेल। लेकिन इस बार दिल्ली पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने ऐसा जाल तोड़ा है जिसने राजधानी में फैल रहे ड्रग्स नेटवर्क की असली तस्वीर सामने ला दी।
दिल्ली में ड्रग्स नेटवर्क पर क्राइम ब्रांच का बड़ा वार
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की Anti Narcotics Task Force (ANTF) ने राजधानी में चल रहे एक बड़े इंटरस्टेट ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क का पर्दाफाश किया है।
इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने करीब ₹2 करोड़ से ज्यादा कीमत के नशीले पदार्थ बरामद किए और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
यह कार्रवाई उस समय हुई जब पुलिस को सूचना मिली कि मोती नगर इलाके में एक युवक अपने घर से ड्रग्स की सप्लाई कर रहा है।
मोती नगर से पकड़ा गया मुख्य आरोपी
क्राइम ब्रांच की टीम ने छापा मारकर सार्थक त्यागी (30) को उसके मोती नगर स्थित घर से गिरफ्तार किया। घर की तलाशी के दौरान पुलिस को कई तरह के नशीले पदार्थ मिले, जिनमें शामिल हैं:
- 1016 ग्राम गांजा
- 1112 ग्राम चरस
- 17 ग्राम MDMA
- एक्स्टेसी टैबलेट
- साइलोसाइबिन मशरूम (शरूम्स)
इन ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब ₹1 करोड़ आंकी गई है।
सप्लाई चेन का दूसरा खिलाड़ी भी गिरफ्तार
पूछताछ के दौरान पुलिस को इस नेटवर्क के सप्लायर का पता चला। जांच में सामने आया कि ड्रग्स की सप्लाई कुलप्रीत सिंह उर्फ सनी (29) करता था, जो अशोक विहार का रहने वाला है।

क्राइम ब्रांच ने बाद में उसे भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी मिलकर इंटरस्टेट नेटवर्क के जरिए ड्रग्स मंगाकर दिल्ली में सप्लाई करते थे।
पुलिस की जांच अभी जारी
दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है। पूछताछ के दौरान कई और नाम सामने आने की संभावना है और जांच टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। संभावना है कि यह ड्रग्स नेटवर्क दिल्ली से बाहर कई राज्यों तक फैला हुआ हो।
आरोपी का पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी सार्थक त्यागी का आपराधिक इतिहास पहले से रहा है। उसके खिलाफ मोती नगर थाने में हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं और उन मामलों की जांच पहले से चल रही है।
राजधानी में बढ़ता ड्रग्स कारोबार: बड़ी चुनौती
दिल्ली जैसे बड़े महानगर में ड्रग्स का कारोबार धीरे-धीरे संगठित नेटवर्क का रूप लेता जा रहा है। डीलर बदलते हैं, रास्ते बदलते हैं, लेकिन धंधा नहीं रुकता। ऐसे में क्राइम ब्रांच की यह कार्रवाई सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं बल्कि उस अंडरग्राउंड सिस्टम पर हमला है जो युवाओं को नशे की तरफ धकेल रहा है।
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