
लखनऊ में इफ्तार पार्टी के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि हम चाहते थे कि नीतीश कुमार प्रधानमंत्री बनें, लेकिन अब वे राज्यसभा सांसद बन रहे हैं। उन्होंने कहा, “पहले दिन से सबको पता था भाजपा क्या करेगी। अब नीतीश रिटायरमेंट के रूप में राज्यसभा जाएंगे।”
यह बयान भाजपा के राजनीतिक स्टाइल पर तीखा कटाक्ष है और चुनावी जमीन पर सपा की रणनीति को भी दर्शाता है।
इफ्तार पार्टी और भारतीय भावना
सपा प्रमुख ने अखिलेश ने कहा, “हमारी संस्कृति की गंगा-जमुनी तहजीब यही है कि अलग-अलग विचार, धर्म और समुदाय एक साथ जश्न मनाएं।”
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद मामले पर तीखा हमला
अखिलेश यादव ने सूबे की बीजेपी सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि “अगर आज शंकराचार्य के साथ ऐसा हो सकता है, तो कल किसी और के साथ भी हो सकता है।”

उन्होंने बताया कि यह डर दिखाकर चलने वाली सरकार लोगों की बेइज्जती कर रही है और झूठे मुकदमों से पीड़ा बढ़ा रही है।
युद्ध पर सपा की स्थिति
सपा प्रमुख ने स्पष्ट किया कि पार्टी कभी युद्ध के पक्ष में नहीं रही, क्योंकि युद्ध से केवल नुकसान और तबाही होती है। “हम युद्ध विरोधी हैं और हमेशा शांति के पक्षधर रहेंगे।”
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