प्लॉट का सौदा या प्लान्ड फंसाव? भोपाल में Land Deal बना Legal War

सत्येन्द्र सिंह ठाकुर
सत्येन्द्र सिंह ठाकुर

भोपाल के ग्राम भौरी, तहसील हुजूर में भूमि/प्लॉट से जुड़े एक लेन–देन ने अब कानूनी विवाद का रूप ले लिया है।
मामले में कथित धोखाधड़ी, अवैध वसूली, धमकी और मानहानि जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं।

शिकायतकर्ता नरेश राजक (निवासी: संजय नगर कॉलोनी, बैरागढ़) ने इस संबंध में थाना खजूरी सड़क में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।

खसरा नंबरों को लेकर विवाद

शिकायत के अनुसार विवादित भूमि ग्राम भौरी में स्थित है, जिसे अनुबंध/एग्रीमेंट में निम्न खसरा क्रमांकों में दर्शाया गया था:

  • 407/1/1
  • 416/2/1
  • 417/2/1
  • 418/2/1
  • 419/2/1
  • 420/2/1

शिकायतकर्ता का दावा है कि भूमि व्यवहार के दौरान उन्हें भरोसा दिलाया गया, लेकिन बाद में कथित रूप से शर्तों का पालन नहीं किया गया।

₹6.50 लाख की वसूली और दबाव का आरोप

नरेश राजक के अनुसार संबंधित पक्ष/परिजनों द्वारा ₹6,50,000 ऑनलाइन भुगतान और अतिरिक्त राशि नकद/किस्तों में ली गई।
उनका आरोप है कि विवाद सुलझाने के नाम पर दबाव बनाया गया और बाद में मामले को और उलझाकर धमकियाँ दी गईं

यानी, “समाधान का वादा, लेकिन हकीकत में Complication का खेल।”

झूठे प्रकाशन से मानहानि का दावा

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि बिना किसी पूर्व सूचना या कानूनी नोटिस के एक समाचार पत्र में भ्रामक खबर प्रकाशित करवाई गई, जिसमें कहा गया कि “उक्त जमीन पर शिकायतकर्ता का कोई अधिकार नहीं है।”

शिकायतकर्ता के मुताबिक इससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा और कारोबारी छवि को गंभीर नुकसान पहुँचा है।

कंपनी से जुड़ा लेन–देन और निरस्तीकरण दस्तावेज

शिकायत में यह भी उल्लेख है कि भूमि सौदे से संबंधित राशि Alexandra Spice and Beverages Pvt. Ltd. के MD सत्येंद्र विश्वकर्मा से ली गई थी।

शिकायतकर्ता का दावा है कि कथित निर्देशों के अनुसार Cancellation / Nirastikaran दस्तावेज तैयार किए गए थे, लेकिन अब संबंधित पक्ष इन दस्तावेजों और समाधान से मुकर रहा है

40–50 लाख रुपये की क्षति का दावा

नरेश राजक का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम से उनकी और संबंधित कंपनी की छवि और व्यवसाय को भारी नुकसान हुआ है। कुल अनुमानित क्षति ₹40 से ₹50 लाख बताई गई है।

पुलिस शिकायत और कानूनी नोटिस

शिकायतकर्ता ने बताया कि थाना खजूरी सड़क में शिकायत दर्ज। अधिवक्ता आदित्य सिंह के माध्यम से कानूनी नोटिस भेजा गया। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि तय समय सीमा में समाधान नहीं हुआ, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

निष्पक्ष जांच की मांग

शिकायतकर्ता ने प्रशासन और पुलिस से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल मामला जांच के स्तर पर है और सभी आरोप शिकायतकर्ता के कथन पर आधारित बताए गए हैं।

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