नोबेल कोई WhatsApp फ़ॉरवर्ड नहीं! ट्रंप को अवॉर्ड देने की बात पर फुल स्टॉप

हुसैन अफसर
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Norwegian Nobel Institute ने एक सख़्त और साफ़ बयान जारी करते हुए कहा है कि नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा हो जाने के बाद उसे न तो वापस लिया जा सकता है, न ट्रांसफ़र किया जा सकता है और न ही किसी और के साथ साझा किया जा सकता है।

यह बयान ऐसे समय आया है, जब Venezuela की विपक्षी नेता Maria Corina Machado ने कहा था कि वह यह पुरस्कार America के राष्ट्रपति Donald Trump को देना या उनके साथ share करना चाहेंगी।

Machado का बयान और बढ़ता विवाद

Maria Corina Machado ने यह टिप्पणी Fox News से बातचीत के दौरान की थी। उनके बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठने लगे कि क्या Nobel Peace Prize को “share” किया जा सकता है?

इस पर शुक्रवार को Norwegian Nobel Institute ने स्थिति बिल्कुल साफ कर दी।

Nobel Institute का Official Statement क्या कहता है?

Institute ने अपने बयान में कहा, “Once the Nobel Prize has been announced, it cannot be withdrawn, shared or transferred to others.”

साथ ही यह भी जोड़ा गया कि Nobel Committee विजेता के बाद दिए गए बयानों या व्यक्तिगत फैसलों पर कोई टिप्पणी नहीं करती। कमेटी का काम सिर्फ़ nominated candidates के work और efforts का मूल्यांकन करना है। एक बार फैसला हो जाने के बाद वह हमेशा के लिए वैध होता है।

Nobel Institute का संदेश बिल्कुल blunt है — Nobel Peace Prize कोई symbolic cheque नहीं है, जिसे आगे endorse किया जा सके।

“नोबेल अवॉर्ड Instagram Collab नहीं है, जिसे tag करके share कर दिया जाए।”

Nobel का फैसला Final होता है

इस बयान के ज़रिए Nobel Institute ने यह भी जता दिया कि अवॉर्ड की credibility उसकी independence और उसकी institutional seriousness किसी भी राजनीतिक बयान या इच्छा से ऊपर है।

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