
बेंगलुरु के आउटर रिंग रोड (ORR) पर ट्रैफिक ऐसा बहता है जैसे वीकेंड पर Netflix – बिना रुके, लेकिन बिना आगे बढ़े। और जब आईटी कंपनियों की भीड़, ऑफिस टाइम की पीक, और इब्लूर जंक्शन की हालत साथ आ जाएं – तो ट्रैफिक नहीं, “ट्रैजिक” होता है।
अब, इस महानगर की धड़कती नसों में कुछ राहत पहुंचाने के लिए, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने एक अनोखा रास्ता निकाला है – “सीधे अजीम प्रेमजी से बात करो!”
‘Dear Premji Ji’ – ट्रैफिक के लिए खुला प्यार भरा पत्र
19 सितंबर को लिखे गए पत्र में मुख्यमंत्री ने विप्रो परिसर को आंशिक रूप से आम जनता के लिए खोलने का सुझाव रखा है। यानी कुछ वाहनों को IT पार्क के अंदर से रास्ता देकर ट्रैफिक को बायपास कराना।
“यातायात विशेषज्ञों के अनुसार, इससे पीक ऑवर्स में 30% ट्रैफिक कम हो सकता है!”
अब इस तरह की अपील पहली बार नहीं है, लेकिन सीएम की यह डायरेक्ट अप्रोच बताती है कि हालात अब ‘बैंगलोर कैंट वेट’ मोड में पहुंच गए हैं।
ORR पर ट्रैफिक या Netflix का Buffering Symbol?
ब्लैकबक के सीईओ राजेश याबाजी की एक ट्वीट ने जैसे ट्रैफिक के ट्रिगर पॉइंट को हिट कर दिया। उन्होंने ORR की हालत बयां की – और फिर क्या था, सोशल मीडिया से लेकर सीएम ऑफिस तक हलचल मच गई।
सिद्धारमैया ने उच्च स्तरीय बैठक बुलाई, अफसरों को भेजा सड़क देखने और लोगों को थोड़ा ‘Hope’ दिखाने। बेंगलुरुवासियों की उम्मीद अब एक लेटर पर टिकी है।
‘विप्रो पास’ से मिलेगा फास्ट ट्रैक?
अगर यह योजना अमल में आती है, तो यह देश में पहली बार होगा कि कोई प्राइवेट कॉर्पोरेट कैंपस आम जनता के ट्रैफिक सॉल्यूशन का हिस्सा बनेगा।

बिलकुल, इसमें कई शर्तें होंगी – सिक्योरिटी, टाइमिंग, रूट प्लान – लेकिन सोचिए, अगर एक सिग्नेचर से लाखों लोगों का ऑफिस टाइम 30 मिनट घट जाए तो?
“Smart City वही, जहां IT कैंपस हो जनता के लिए Ready।”
ट्रैफिक में 45% उछाल – Welcome to Tech City
जून 2025 में पिछले साल की तुलना में ORR पर ट्रैफिक 45% बढ़ गया है। और यह सब हो रहा है उस शहर में, जिसे कभी India’s Silicon Valley कहा जाता था – अब वही India’s Snail-on-Valley बनता जा रहा है।
बेंगलुरु की ट्रैफिक समस्या अब मजाक से परे, लेकिन समाधान अभी भी क्रिएटिव ही दिखते हैं। क्या अजीम प्रेमजी इस “लेटर टू द लीजेंड” का जवाब देंगे? क्या आम जनता को मिलेगा ‘विप्रो पास’? और सबसे जरूरी – क्या हम फिर कभी ऑफिस टाइम पर पहुंचेंगे?
Stay tuned – क्योंकि बेंगलुरु की सड़कें और राजनीति – दोनों में U-Turn कभी भी आ सकता है!
“इस बार नवरात्रि में सिर्फ आरती नहीं, एक प्रतिज्ञा भी करें!”
